GS Paper 2 · 24 अगस्त 2026
देशव्यापी क्लाउड और AI कौशल पहल का लक्ष्य 1.5 लाख शिक्षार्थी
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और कल्टस एजुकेशन ने Amazon Web Services के सहयोग से देशव्यापी क्लाउड तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल पहल शुरू की है। डिजिटल सामग्री के माध्यम से 1.5 लाख शिक्षार्थियों को आधारभूत AI और क्लाउड साक्षरता तथा 10,000 प्रतिभागियों को AWS re/Start के तहत गहन रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। पूर्णतः ऑनलाइन कार्यक्रम सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलेगा तथा वंचित समुदायों और Tier 2 एवं Tier 3 शहरों के युवाओं पर विशेष ध्यान देगा। उन्नत प्रशिक्षण में क्लाउड अवसंरचना, सुरक्षा, नेटवर्किंग और AI की बुनियाद शामिल है।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS Paper 2 में यह कार्यक्रम कौशल विकास की सार्वजनिक-निजी व्यवस्था और ऑनलाइन शिक्षा में समावेशन की चुनौती दिखाता है। GS Paper 3 में जांचें कि डिजिटल प्रशिक्षण रोजगार, क्षेत्रीय अवसर और घरेलू प्रौद्योगिकी कार्यबल में वास्तविक वृद्धि करता है या नहीं।
इस खबर को कैसे पढ़ें
कार्यक्रम जन-स्तर की डिजिटल साक्षरता को छोटे गहन प्रशिक्षण मार्ग से जोड़ता है। आधारभूत सामग्री बड़े समूह को क्लाउड और AI से परिचित करा सकती है, जबकि प्रशिक्षक-नेतृत्व वाला भाग व्यावहारिक क्षमता बना सकता है। फिर भी नामांकन सीखना नहीं है और प्रमाणपत्र रोजगार नहीं है। ऑनलाइन ढांचा भौगोलिक पहुंच बढ़ा सकता है, पर कमजोर इंटरनेट, उपकरण की कमी, भाषा बाधा और मार्गदर्शन के अभाव से बहिष्करण भी दोहरा सकता है। सार्वजनिक-निजी व्यवस्था में शिक्षार्थी सहायता, मूल्यांकन गुणवत्ता, आंकड़ा सुरक्षा और शिकायत निवारण की जिम्मेदारी स्पष्ट हो। पंजीकरण की तुलना में पाठ्यक्रम पूर्णता, व्यावहारिक परियोजना, नौकरी, आय प्रगति और नियोक्ता प्रतिक्रिया बेहतर संकेतक हैं। प्रशिक्षण को स्थानीय कॉलेज, अप्रेंटिसशिप और छोटे नियोक्ता से भी जोड़ना चाहिए, ताकि अवसर बड़े तकनीकी शहरों में न सिमटे। UPSC के लिए कौशल को जनसांख्यिकीय लाभांश और संरचनात्मक बदलाव से जोड़ें। तकनीक तेजी से बदलती है, इसलिए समस्या-समाधान, साइबर सुरक्षा और नेटवर्किंग की हस्तांतरणीय बुनियाद जरूरी है। समावेशन के लिए लचीला समय, बहुभाषी सहायता और महिलाओं तथा वंचित समुदायों तक पहुंच चाहिए। सरकार व्यक्तिगत आंकड़ों की रक्षा करते हुए विभाजित परिणाम प्रकाशित करे। उद्योग सामग्री उपयोगी है, पर किसी एक विक्रेता का उत्पाद पूरा पाठ्यक्रम न बने। वास्तविक मूल्य टिकाऊ रोजगार-गतिशीलता है, घोषित पहुंच का बड़ा आंकड़ा नहीं।
पेपर का व्यापक संदर्भ
GS-2 को जवाबदेह क्रियान्वयन से पढ़ें। विश्वसनीय स्वास्थ्य संचार निगरानी-प्रमाण को अफवाह से अलग करता है, पर्यावरणीय न्यायाधिकरण जांचता है कि कार्यपालिका के नियम विधिसम्मत और प्रमाण-आधारित हैं या नहीं, तथा डिजिटल कौशल को वास्तविक पहुंच-बाधाओं वाले शिक्षार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
संभावित प्रश्न
डिजिटल कौशल का बड़ा आकार अपने-आप रोजगार या समावेशन नहीं देता। चर्चा कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
आधारभूत साक्षरता का लक्ष्य क्या है?
- 1.5 लाख शिक्षार्थी
- 10,000 राज्य
- सभी पंजीकृत फर्म
- हर शिपयार्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: 1.5 लाख शिक्षार्थी
डिजिटल सामग्री मार्ग का लक्ष्य 1.5 लाख शिक्षार्थी है।
Q2
कौशल कार्यक्रम का श्रम-बाजार मूल्य किससे मापा जाए?
- केवल पंजीकरण
- चिह्न की दृश्यता
- व्यावहारिक क्षमता और रोजगार परिणाम
- प्रचार पोस्ट की संख्या
उत्तर देखें
सही उत्तर: व्यावहारिक क्षमता और रोजगार परिणाम
क्षमता, नौकरी और प्रगति बताते हैं कि प्रशिक्षण उपयोगी अवसर बना रहा है।
संबंधित विगत वर्ष प्रश्न
- UPSC GS-2: शिक्षा और मानव संसाधन के विकास तथा प्रबंधन से जुड़े विषय