GS Paper 2 · 6 सितम्बर 2026
स्वच्छता ही सेवा की तैयारी की कसौटी है कि भागीदारी स्थायी स्थानीय क्षमता बने
5 सितंबर 2026 की अंतर-मंत्रालयी समीक्षा ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के नौवें संस्करण की तैयारी की, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय ने इसे स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए नए जन आंदोलन के रूप में रखा। ऐसा जन-संचालन ध्यान केंद्रित कर सकता है, संस्थाओं को जोड़ सकता है और कठिन स्वच्छता स्थलों को सार्वजनिक दृष्टि में ला सकता है। फिर भी स्वच्छता कोई आयोजन नहीं, निरंतर सार्वजनिक सेवा है। कचरा पृथक्करण, संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण, सुरक्षित निपटान, सार्वजनिक शौचालय रखरखाव और कर्मियों की सुरक्षा के लिए दैनिक व्यवस्था, स्पष्ट जिम्मेदारी और अनुमानित वित्त चाहिए। नागरिक भागीदारी तब उपयोगी है, जब वह नियमित व्यवहार और जवाबदेही सुधारे; उसे नगरपालिका या पंचायत की जिम्मेदारी को अस्थायी निःशुल्क श्रम से बदलना नहीं चाहिए। इसलिए अभियान का मूल्यांकन स्थानीय सेवा-श्रृंखला की गुणवत्ता और स्थायित्व, अनौपचारिक कर्मियों के समावेशन, शिकायत समाधान और स्वास्थ्य परिणाम से होना चाहिए। दृश्य अभियान कार्रवाई शुरू कर सकता है; समापन तिथि के बाद संस्थागत स्वामित्व उसे जारी रखता है।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS पेपर 2 में यह अभियान सहकारी शासन, शहरी स्थानीय निकाय, पंचायत, व्यवहार परिवर्तन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा से जुड़ता है। GS पेपर 3 में कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरणीय बाह्यताएं भी शामिल हैं। उत्तर में जन भागीदारी और राज्य की जिम्मेदारी से पीछे हटने में अंतर करें। स्वच्छता श्रृंखला का मानचित्र बनाएं, उत्तरदायी स्थानीय संस्था पहचानें, कर्मियों की रक्षा करें, अनौपचारिक कचरा चुनने वालों को शामिल करें और केवल अभियान गतिविधि नहीं, उसके बाद की सेवा गुणवत्ता मापें।
इस खबर को कैसे पढ़ें
अभियान कई संस्थाओं और नागरिकों को एक समय-सारिणी पर लाकर समन्वय की बाधा तोड़ सकता है, पर वह चलती हुई स्वच्छता व्यवस्था का स्थान नहीं ले सकता। सेवा-श्रृंखला कचरा घटाने और पृथक्करण से शुरू होती है, विश्वसनीय संग्रह तथा सुरक्षित परिवहन से आगे बढ़ती है और प्रसंस्करण, पुनर्प्राप्ति तथा निपटान पर समाप्त होती है। किसी एक कड़ी की विफलता कचरे को दृश्य सड़क से अदृश्य ढेर तक पहुंचा सकती है। स्थानीय सरकार को सही सेवा-मानचित्र, लागू किए जा सकने वाले मानक वाले अनुबंध, अनुमानित नागरिक संचार और वास्तविक सेवा से जुड़ा वित्त चाहिए। अनौपचारिक कचरा कर्मी अक्सर छंटाई तथा पुनर्प्राप्ति करते हैं; समावेशन के लिए पहचान, सुरक्षा उपकरण, सामग्री तक न्यायपूर्ण पहुंच और विस्थापन से रक्षा जरूरी है। स्वच्छता कर्मियों को यंत्रीकरण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा मिले। नागरिक कर्तव्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि मिश्रित कचरा व्यवस्था की लागत बढ़ाता है, फिर भी भागीदारी सुविधाजनक सेवा के आसपास बने, केवल नैतिक अपील पर नहीं। सार्वजनिक सूचक-पट वार्ड स्तर की निरंतरता, शिकायत समाधान और प्रसंस्करण परिणाम दिखाए, केवल अभियान चित्र नहीं। ग्रामीण और शहरी बस्तियों के संचालन मॉडल अलग हो सकते हैं, पर स्वयंसेवक चले जाने के बाद दोनों में संस्थागत स्वामित्व चाहिए। UPSC उत्तर में अभियान को सामूहिक कार्रवाई का प्रवेश-बिंदु बताएं और फिर जांचें कि उससे स्थायी दिनचर्या, परिसंपत्ति, कर्मी सुरक्षा, सामुदायिक विश्वास तथा स्थानीय जवाबदेही बनी या नहीं। असली सफलता वह सेवा है जो सामान्य दिन भी चले।
पेपर का व्यापक संदर्भ
सामाजिक नीति को अधिकार, पेशेवर क्षमता और स्थानीय सेवा के माध्यम से पढ़ें। शिक्षा और स्वच्छता दोनों में स्पष्ट सार्वजनिक जिम्मेदारी, समावेशन, व्यवहारगत सहयोग तथा आयोजन से आगे विश्वसनीय संस्थाएं चाहिए। उत्तरदायी निकाय, वंचित समूह, अग्रिम पंक्ति कर्मी, शिकायत मार्ग और वह परिणाम पहचानें जो केवल गतिविधि नहीं, समान पहुंच सिद्ध करे।
संभावित प्रश्न
स्वच्छता अभियान सार्वजनिक गति बनाते हैं, पर टिकाऊ स्वच्छता नियमित स्थानीय क्षमता और जवाबदेह सेवा-श्रृंखला पर निर्भर करती है। चर्चा कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
टिकाऊ स्वच्छता क्षमता को आयोजन से क्या अलग करता है?
- स्पष्ट जिम्मेदारी और वित्त वाली नियमित सेवा-श्रृंखला
- बहुत अधिक तस्वीरें
- स्थानीय सरकार की जगह निःशुल्क श्रम
- कचरे को अनदेखे स्थल पर ले जाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: स्पष्ट जिम्मेदारी और वित्त वाली नियमित सेवा-श्रृंखला
टिकाऊ स्वच्छता निरंतर कमी, पृथक्करण, संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान पर निर्भर है।
Q2
अनौपचारिक कचरा कर्मियों को सुधार में कैसे शामिल करना चाहिए?
- पुनर्प्राप्त सामग्री से दूर करके
- पहचान, सुरक्षा, न्यायपूर्ण पहुंच और सेवा व्यवस्था में एकीकरण से
- अस्थायी स्वयंसेवक मानकर
- उनका योगदान आंकड़ों से छिपाकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: पहचान, सुरक्षा, न्यायपूर्ण पहुंच और सेवा व्यवस्था में एकीकरण से
सुरक्षित एकीकरण आजीविका बचाता है और सामग्री पुनर्प्राप्ति तथा जवाबदेही मजबूत करता है।
संबंधित अभ्यास प्रश्न
- नागरिक भागीदारी शहरी स्थानीय शासन को प्रतिस्थापित किए बिना कैसे मजबूत कर सकती है?
- सतत स्वच्छता के संस्थागत और व्यवहारगत आयामों की चर्चा कीजिए।