बदरी OPU-IVF जन्म नस्ल संरक्षण को जिम्मेदार प्रजनन जैव-प्रौद्योगिकी से जोड़ता हैपर्यावरण और स्वास्थ्य

GS Paper 3 · 13 सितम्बर 2026

बदरी OPU-IVF जन्म नस्ल संरक्षण को जिम्मेदार प्रजनन जैव-प्रौद्योगिकी से जोड़ता है

11 सितंबर 2026 को एक स्वस्थ मादा बदरी बछिया का जन्म हुआ। अंडाणु संकलन और शरीर-बाह्य निषेचन से बने बदरी भ्रूण को साहिवाल प्राप्तकर्ता गाय में स्थानांतरित किया गया था। बदरी पशु उत्तराखंड का देशज आनुवंशिक संसाधन और राज्य पशु है। कार्य में ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उत्तराखंड जैव-प्रौद्योगिकी परिषद और उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड जुड़े। कार्यक्रम 2023 में आरंभ हुआ और वैज्ञानिक दलों ने अगले 3 वर्षों में अंडाणु संकलन, भ्रूण उत्पादन तथा भ्रूण स्थानांतरण प्रक्रियाएँ स्थापित कीं। चुनी गई बदरी दाता गायों से अल्ट्रासाउंड के मार्गदर्शन में अंडाणु लेकर प्रयोगशाला में परिपक्व किए गए और चुने हुए बदरी सांड के वीर्य से निषेचित किया गया; फिर भ्रूण संवर्धित कर समकालिक प्राप्तकर्ता गायों में स्थानांतरित किए गए। उपलब्धि चुने हुए मादा जननद्रव्य के अपेक्षाकृत तेज गुणन की तकनीकी व्यवहार्यता दिखाती है। यह स्वयं नस्ल की आबादी, आनुवंशिक विविधता या पशुपालक आजीविका में सुधार का प्रमाण नहीं है। संरक्षण नीति को प्रजनन तकनीक के साथ व्यापक आनुवंशिक नमूना, पशु स्वास्थ्य, सही वंशावली, आवास और चारा, पशुपालक भागीदारी तथा संतति कल्याण की पारदर्शी निगरानी जोड़नी होगी।

यूपीएससी के लिए महत्व

GS प्रश्नपत्र 3 में यह पशुपालन, जैव-प्रौद्योगिकी, कृषि जैव विविधता और हिमालयी आजीविका को जोड़ता है। उत्तर में आनुवंशिक सुधार को विविधता, पशु कल्याण, रोग नियंत्रण, पशुपालक पहुँच, सार्वजनिक प्रजनन संस्था और मापनीय संरक्षण परिणाम से संतुलित करें।

इस खबर को कैसे पढ़ें

संरक्षण प्रजनन के दो उद्देश्य हैं: उपयोगी पशुओं की संख्या बढ़ाना और वह विविधता बचाना जो नस्ल को बदलती दशाओं के अनुकूल बनाती है। OPU-IVF जीवित मूल्यवान दाता से अंडाणु लेकर एक प्राकृतिक बछड़ा चक्र की प्रतीक्षा किए बिना कई भ्रूण बना सकता है, जबकि दूसरी नस्ल की प्राप्तकर्ता गाय गर्भ धारण कर सकती है। इसलिए छोटी अथवा बिखरी देशज आबादी में यह उपयोगी तकनीक है। जोखिम चयन की तीव्रता में है। यदि कार्यक्रम बार-बार बहुत कम दाता और श्रेष्ठ कहे गए सांड उपयोग करे, तो कुल संख्या बढ़ने के साथ प्रभावी आनुवंशिक विविधता घट सकती है और रोग या जलवायु परिवर्तन के प्रति भेद्यता बढ़ सकती है। प्रजनन लक्ष्य में केवल तात्कालिक उत्पादन गुण नहीं, बल्कि प्रत्यास्थता, प्रजनन क्षमता, दीर्घायु और स्थानीय चारे तथा भूगोल के प्रति अनुकूलन शामिल हों। सत्यापित वंशावली और जीनोमिक अभिलेख अंतःप्रजनन घटा सकते हैं, पर आँकड़ा शासन और स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक है। बार-बार अंडाणु संकलन, हार्मोन समकालिकीकरण, भ्रूण स्थानांतरण, गर्भ और जन्म के दौरान पशु कल्याण की निगरानी हो। सार्वजनिक संस्था गर्भधारण, जीवित जन्म, स्वास्थ्य और जीवित रहने के परिणाम प्रकाशित करे तथा केवल सफल बछिया नहीं, असफल प्रयास भी समझाए। तकनीक राज्य सेवाओं और पशुपालकों तक वहनीय रूप में पहुँचे। UPSC उत्तर में जन्म को व्यापक प्राकृतिक-आवास तथा संस्थागत संरक्षण तंत्र के भीतर क्षमता प्रमाण मानें, उन समुदायों और पारिस्थितिकी का विकल्प नहीं जिन्होंने बदरी नस्ल को बनाए रखा।

पेपर का व्यापक संदर्भ

GS प्रश्नपत्र 3 की कहानियों को प्रत्यास्थ मूल्य-शृंखला से पढ़ें: जैविक अथवा खनिज संसाधन से तकनीक, कौशल, प्रसंस्करण, बाजार और मापनीय परिणाम तक क्षमता खोजें तथा पारिस्थितिक सुरक्षा, विविधता और निष्पक्ष पहुँच बनाए रखें।

संभावित प्रश्न

सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी देशज नस्ल संरक्षण तेज कर सकती है, किंतु कमजोर शासन में आनुवंशिक आधार संकुचित भी कर सकती है। अवसरों और सुरक्षा उपायों का विश्लेषण कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    बदरी कार्यक्रम में साहिवाल प्राप्तकर्ता गाय में क्या स्थानांतरित किया गया?

    1. OPU-IVF से बना बदरी भ्रूण
    2. साहिवाल का क्लोन बछड़ा
    3. केवल अनिषेचित वीर्य
    4. बांस ऊतक संवर्धन
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: OPU-IVF से बना बदरी भ्रूण

    अंडाणु संकलन और शरीर-बाह्य निषेचन के बाद बना बदरी भ्रूण साहिवाल प्राप्तकर्ता में स्थानांतरित हुआ।

  2. Q2

    बहुत कम 'श्रेष्ठ' दाताओं के बार-बार उपयोग का प्रमुख शासन जोखिम क्या है?

    1. अत्यधिक आनुवंशिक विविधता
    2. नस्ल के प्रभावी आनुवंशिक आधार का संकुचन
    3. प्राप्तकर्ता नस्ल का स्वतः विलुप्त होना
    4. हर वंशावली अभिलेख का नष्ट होना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: नस्ल के प्रभावी आनुवंशिक आधार का संकुचन

    छोटे दाता समूह पर अत्यधिक निर्भरता संख्या बढ़ाते हुए आनुवंशिक विविधता घटा सकती है।

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