जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा बहाली और Transaction of Business Rules: केंद्र-UT गतिरोध गहरायाराजव्यवस्था और शासन

GS Paper 2 · 16 अगस्त 2026

जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा बहाली और Transaction of Business Rules: केंद्र-UT गतिरोध गहराया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने राज्य का दर्जा बहाली और संवैधानिक गारंटी की मांग दोहराई तथा चेतावनी दी कि यदि केंद्र J&K Reorganisation Act के अंतर्गत Transaction of Business Rules को अधिसूचित करने में विलंब जारी रखता है तो Gen Z शैली का आंदोलन हो सकता है। ये नियम मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और उपराज्यपाल की भूमिकाओं को परिभाषित करने के लिए अनिवार्य हैं। यह गतिरोध अनसुलझे संघीय तनावों और केंद्र शासित प्रदेश से राज्य का दर्जा प्राप्त करने की अपूर्ण संक्रमण प्रक्रिया को उजागर करता है, जिसके Article 370, PoK और क्षेत्र में शासन व्यवस्था पर निहितार्थ हैं।

यूपीएससी के लिए महत्व

प्राथमिक GS-2 राजव्यवस्था: संघवाद, Article 370 का निरसन, J&K Reorganisation Act 2019, राज्यों के लिए विशेष प्रावधान। द्वितीयक GS-1: क्षेत्रवाद और स्वतंत्रता-पश्चात एकीकरण। यह Laxmikanth (Indian Polity) में आपातकालीन प्रावधानों और केंद्र शासित प्रदेशों वाले अध्यायों से संबंधित है; Article 370 और राज्य पुनर्गठन पर पिछले Mains प्रश्नों से प्रासंगिक है।

इस खबर को कैसे पढ़ें

यह समाचार संघवाद के उस संक्रमणकालीन संकट को उजागर करता है जो तब उत्पन्न होता है जब किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया जाता है और फिर आंशिक राज्य-सदृश संस्थाएँ बहाल की जाती हैं। J&K Reorganisation Act के अंतर्गत Transaction of Business Rules का अधिसूचित न होना केवल प्रशासनिक विलंब नहीं है; यह शक्ति-विभाजन की अनिश्चितता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और उपराज्यपाल की भूमिकाएँ तब तक अस्पष्ट रहती हैं जब तक ये नियम लागू नहीं होते। इससे निर्वाचित सरकार और केंद्र के प्रतिनिधि के बीच टकराव की संभावना बढ़ जाती है, जो दिल्ली जैसे अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में भी देखी गई है। परीक्षा की दृष्टि से यह मामला Article 370 के निरसन के बाद के संवैधानिक प्रश्नों से जुड़ता है। क्या संसद किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल सकती है? क्या विधान सभा वाले केंद्र शासित प्रदेश में मंत्रिपरिषद की शक्तियाँ राज्य के समान होती हैं? Omar Abdullah द्वारा 'Gen Z शैली के आंदोलन' की चेतावनी राजनीतिक दबाव की रणनीति है, परंतु इसका गहरा अर्थ यह है कि युवा पीढ़ी संवैधानिक गारंटी और राज्य के दर्जे को अपनी पहचान से जोड़कर देखती है। PoK का उल्लेख इस मुद्दे को क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ता है, जिससे केंद्र की सतर्कता समझी जा सकती है। Mains उत्तर में इन बिंदुओं को संघवाद, शक्ति-विभाजन और संवैधानिक संक्रमण के ढाँचे में प्रस्तुत करना चाहिए।

पेपर का व्यापक संदर्भ

GS 2 में आज तीन अलग-अलग स्तर दिखते हैं: केंद्र का विनियमन हटाना, राज्य की भर्ती पर न्यायिक निगरानी, और केंद्र-राज्य के बीच शासन का गतिरोध। सामान्य गलती यह है कि हर मुद्दे को अलग-अलग रट लिया जाता है, जबकि परीक्षक इन्हें 'शासन में विश्वास' की एक ही कड़ी में पूछ सकता है।

संभावित प्रश्न

Transaction of Business Rules का अधिसूचित न होना केवल प्रशासनिक विलंब नहीं है; यह केंद्र-राज्य संबंधों में अधूरे संक्रमण की कहानी है। क्या राज्य का दर्जा बहाली बिना स्पष्ट शक्ति विभाजन के अर्थ रखती है?

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    J&K Reorganisation Act, 2019 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया। 2. यह जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के लिए विधान सभा का प्रावधान करता है। 3. इसने Article 370 को समाप्त किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

    1. केवल 1 और 2
    2. केवल 2 और 3
    3. केवल 1 और 3
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: केवल 1 और 2

    J&K Reorganisation Act, 2019 ने पूर्ववर्ती राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया तथा जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के लिए विधान सभा का प्रावधान किया। Article 370 का निरसन इस अधिनियम से पृथक राष्ट्रपति आदेश द्वारा किया गया था, अतः कथन 3 गलत है।

  2. Q2

    जम्मू-कश्मीर में Transaction of Business Rules के अधिसूचित न होने का प्रत्यक्ष प्रभाव क्या है?

    1. विधान सभा का गठन असंवैधानिक हो जाता है
    2. मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और उपराज्यपाल की भूमिकाएँ अस्पष्ट रहती हैं
    3. केंद्र शासित प्रदेश का बजट पारित नहीं हो सकता
    4. अनुच्छेद 370 का प्रभाव पुनः स्थापित हो जाता है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और उपराज्यपाल की भूमिकाएँ अस्पष्ट रहती हैं

    Transaction of Business Rules मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और उपराज्यपाल के बीच कार्य-विभाजन और निर्णय-प्रक्रिया को परिभाषित करते हैं। इनके अभाव में शक्तियों की सीमा स्पष्ट नहीं होती, जिससे शासन में टकराव उत्पन्न होता है।

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