जनगणना 2027: 13 नए प्रश्न जोड़े जाएंगे; कोई निजी डेटा नहीं मांगा जाएगा, J&K और Ladakh जनगणना प्रमुख ने कहाराजव्यवस्था और शासन

GS Paper 1 · 17 अगस्त 2026

जनगणना 2027: 13 नए प्रश्न जोड़े जाएंगे; कोई निजी डेटा नहीं मांगा जाएगा, J&K और Ladakh जनगणना प्रमुख ने कहा

Census 2027 प्रश्नावली में 13 नए प्रश्न या डेटा फील्ड शामिल होंगे जो Census 2011 में नहीं थे, जबकि ID विवरण केवल उपलब्ध होने पर ही दिए जाएंगे, J&K और Ladakh जनगणना प्रमुख के अनुसार। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई निजी डेटा नहीं मांगा जा रहा है और गणनाकर्ता दस्तावेजों पर जोर नहीं देंगे। यह बार-बार की देरी के बाद डिजिटल और अद्यतन गणना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नए फील्ड से नीति नियोजन के लिए डेटा गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है, हालांकि गोपनीयता चिंताएं बनी हुई हैं।

यूपीएससी के लिए महत्व

प्राथमिक GS-1 (जनसंख्या और जनगणना): जनसांख्यिकीय डेटा और सामाजिक जनसांख्यिकी। द्वितीयक GS-2 (शासन): डेटा संग्रह, गोपनीयता, पारदर्शिता। NCERT Geography के जनसंख्या अध्यायों और जनगणना विलंब तथा National Population Register पर वर्तमान बहसों से संबंधित है।

इस खबर को कैसे पढ़ें

जनगणना 2027 की प्रश्नावली में 13 नए प्रश्न जोड़े जाने की घोषणा को केवल एक प्रशासनिक अद्यतन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह भारतीय जनगणना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि यह पारंपरिक जनसंख्या गणना से आगे बढ़कर नीति-निर्माण के लिए अधिक सूक्ष्म सामाजिक-आर्थिक आंकड़े एकत्र करने का प्रयास करता है। परीक्षा की दृष्टि से, इस समाचार का महत्व तीन स्तरों पर है। पहला, यह जनगणना के संवैधानिक और प्रशासनिक आधार को रेखांकित करता है—जनगणना भारत सरकार के अधीन एक सांविधिक कार्य है, और इसका आंकड़ा परिसीमन, वित्त आयोग के आवंटन और कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यीकरण का आधार बनता है। दूसरा, 13 नए फील्ड यह दर्शाते हैं कि राज्य अब केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि जनसंख्या की 'गुणवत्ता' को मापना चाहता है—जैसे कि कौशल, प्रवासन, या डिजिटल साक्षरता से जुड़े प्रश्न संभावित हैं। यह सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी और आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसी पहलों के लिए आवश्यक है। तीसरा, गोपनीयता का प्रश्न। अधिकारी का यह स्पष्टीकरण कि 'कोई निजी डेटा नहीं मांगा जाएगा' और 'ID विवरण केवल उपलब्ध होने पर', न्यायमूर्ति पुट्टस्वामी मामले के बाद के विधिक परिदृश्य में एक सोची-समझी प्रतिक्रिया है। यह डेटा संग्रह और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन का एक जीवंत उदाहरण है, जो GS-2 में शासन और GS-4 में नैतिकता दोनों के लिए प्रासंगिक है। छात्रों को चाहिए कि वे इस घटनाक्रम को जनगणना 2011 के बाद हुए विलंब, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर बहस, और डिजिटल इंडिया के व्यापक संदर्भ में रखकर विश्लेषण करें।

पेपर का व्यापक संदर्भ

जनगणना का प्रश्न GS-1 में केवल जनसंख्या अध्याय का हिस्सा नहीं है; यह सामाजिक न्याय, पहचान और राज्य की गणना-शक्ति के दर्शन से जुड़ता है। परीक्षक यह देखता है कि आप डेटा गुणवत्ता और गोपनीयता के बीच तनाव को कितनी स्पष्टता से रखते हैं—केवल '13 नए प्रश्न' रटना पर्याप्त नहीं।

संभावित प्रश्न

जनगणना 2027 में 13 नए डेटा फील्ड जोड़ना नीति नियोजन के लिए आवश्यक है, परंतु 'कोई निजी डेटा नहीं' का आश्वासन गोपनीयता की आशंकाओं को कितना दूर कर पाता है?

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    जनगणना 2027 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रश्नावली में जनगणना 2011 की तुलना में 13 नए डेटा फील्ड शामिल किए जाएंगे। 2. गणना के दौरान पहचान (ID) विवरण देना अनिवार्य होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

    1. केवल 1
    2. केवल 2
    3. 1 और 2 दोनों
    4. न तो 1 और न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: केवल 1

    स्रोत के अनुसार, जनगणना 2027 में 13 नए प्रश्न जोड़े जाएंगे जो जनगणना 2011 में नहीं थे। हालाँकि, ID विवरण केवल तभी दिया जाएगा जब वह उपलब्ध हो; यह अनिवार्य नहीं है। इसलिए केवल कथन 1 सही है।

  2. Q2

    जनगणना 2027 के बारे में J&K और Ladakh जनगणना प्रमुख के स्पष्टीकरण के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

    1. गणनाकर्ता सभी नागरिकों से आधार कार्ड की प्रति अनिवार्य रूप से मांगेंगे।
    2. कोई निजी डेटा नहीं मांगा जाएगा और गणनाकर्ता दस्तावेजों पर जोर नहीं देंगे।
    3. जनगणना 2027 पूर्णतः कागज-आधारित होगी, जिसमें कोई डिजिटल घटक नहीं होगा।
    4. नए डेटा फील्ड केवल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ही जोड़े जाएंगे।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: कोई निजी डेटा नहीं मांगा जाएगा और गणनाकर्ता दस्तावेजों पर जोर नहीं देंगे।

    स्रोत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई निजी डेटा नहीं मांगा जा रहा है और गणनाकर्ता दस्तावेजों पर जोर नहीं देंगे। ID विवरण केवल उपलब्ध होने पर ही दिया जाएगा। यह गोपनीयता संबंधी चिंताओं को दूर करने का प्रयास है।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न

  • GS-1 2022: जनगणना और जनसांख्यिकीय लाभांश
  • GS-2 2019: शासन में डेटा गोपनीयता चिंताएं
मूल स्रोत पढ़ें