काजीरंगा इको-सेंसिटिव ज़ोन: बफर को 10 km से घटाकर 1 km करने की असम की कोशिश से संरक्षण संबंधी चिंताएँपर्यावरण और स्वास्थ्य

GS Paper 3 · 18 अगस्त 2026

काजीरंगा इको-सेंसिटिव ज़ोन: बफर को 10 km से घटाकर 1 km करने की असम की कोशिश से संरक्षण संबंधी चिंताएँ

असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने संकेत दिया है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के चारों ओर इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) की चौड़ाई डिफ़ॉल्ट 10 km के बजाय न्यूनतम 1 km निर्धारित की जा सकती है। यह Supreme Court के 2022 के निर्देश के बाद है, जिसमें कहा गया था कि संरक्षित क्षेत्रों के आसपास कम से कम 1 km का अनिवार्य ESZ बनाए रखा जाना चाहिए, और राज्यों को व्यापक क्षेत्र अधिसूचित करने की अनुमति है। इस प्रस्ताव ने विवाद उत्पन्न कर दिया है, क्योंकि संरक्षणवादी चेतावनी दे रहे हैं कि संकीर्ण बफर वन्यजीव गलियारों को कमजोर करेगा, मानव-पशु संघर्ष बढ़ाएगा और UNESCO विश्व धरोहर स्थल में जैव विविधता संरक्षण को कमजोर करेगा। यह मुद्दा संरक्षित क्षेत्रों के निकट विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन पर भी प्रश्न उठाता है।

यूपीएससी के लिए महत्व

प्राथमिक GS-3: पर्यावरण, संरक्षण, जैव विविधता। यह Environment (Protection) Act, 1986 के तहत इको-सेंसिटिव ज़ोन, ESZ पर Supreme Court के आदेश, वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ा है। द्वितीयक GS-2: पर्यावरण शासन में केंद्र-राज्य भूमिकाएँ। स्थैतिक संदर्भ: Shankar IAS Environment के 'Protected Area Network and Eco-Sensitive Zones' अध्याय में।

इस खबर को कैसे पढ़ें

काजीरंगा ESZ विवाद केवल एक राज्य का प्रशासनिक निर्णय नहीं है; यह संरक्षण शासन के उस बुनियादी तनाव को उजागर करता है जो परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है — विकास बनाम पारिस्थितिकी। Supreme Court के 2022 के आदेश ने न्यूनतम 1 km का अनिवार्य ESZ तय किया, परन्तु राज्यों को व्यापक क्षेत्र अधिसूचित करने की छूट दी। असम का 1 km पर अड़े रहना कानूनी रूप से संभव है, किन्तु नीतिगत दृष्टि से संकीर्ण है। ध्यान दें: ESZ की अधिसूचना Environment (Protection) Act, 1986 के अंतर्गत होती है, न कि Wildlife (Protection) Act, 1972 के अंतर्गत — यह भ्रम Prelims में प्रायः फँसाता है। काजीरंगा UNESCO विश्व धरोहर स्थल है, इसलिए यहाँ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता भी जुड़ती है। संरक्षणवादियों की चेतावनी — वन्यजीव गलियारों का कमजोर होना, मानव-पशु संघर्ष में वृद्धि — GS-3 के 'मानव-वन्यजीव संघर्ष' खंड से सीधे जुड़ती है। मुख्य परीक्षा में इस मुद्दे को 'स्थानीय समुदायों की आजीविका बनाम पारिस्थितिकी संरक्षण' के ढाँचे में रखकर उत्तर लिखें। साथ ही, केंद्र-राज्य संबंधों का कोण भी जोड़ें: पर्यावरण समवर्ती सूची का विषय है, परन्तु ESZ अधिसूचना केंद्र सरकार करती है; राज्य की भूमिका प्रस्ताव भेजने तक सीमित है। यह संघीय असंतुलन का उदाहरण बन सकता है। अंत में, स्थैतिक भाग से जोड़ें: ESZ का उद्देश्य 'शॉक एब्जॉर्बर' का कार्य करना है, जो संरक्षित क्षेत्र के भीतर और बाहर के बीच संक्रमण क्षेत्र बनाता है। 1 km का बफर इस कार्य को कमजोर कर सकता है, विशेषकर बाढ़-प्रवण काजीरंगा में जहाँ पशु प्रवास करते हैं।

पेपर का व्यापक संदर्भ

GS-3 के तीनों मद पर्यावरणीय और मानवीय सुरक्षा की विफलताओं को उजागर करते हैं। उत्तर प्रदेश का क्रोमियम संदूषण और काजीरंगा का ESZ विवाद दोनों विकास बनाम संरक्षण के तनाव को दिखाते हैं, जबकि बिहार की भगदड़ आपदा प्रबंधन की प्रणालीगत चूक है। सामान्य गलती यह है कि अभ्यर्थी इन्हें केवल 'घटना' के रूप में याद करते हैं। असली माँग है: कानूनी प्रावधान (जैसे Environment (Protection) Act, 1986 या NDMA दिशा-निर्देश), संस्थागत भूमिकाएँ और सुधार के उपाय।

संभावित प्रश्न

काजीरंगा के ESZ को 10 km से घटाकर 1 km करने का प्रस्ताव संरक्षण और विकास के बीच किस प्रकार का संतुलन माँगता है? Supreme Court के 2022 के निर्देश और Environment (Protection) Act, 1986 के प्रावधानों के आलोक में विश्लेषण कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह UNESCO विश्व धरोहर स्थल है। 2. Supreme Court के 2022 के आदेश के अनुसार, इसके चारों ओर न्यूनतम 10 km का इको-सेंसिटिव ज़ोन अनिवार्य है। 3. असम सरकार ने ESZ की चौड़ाई 1 km करने का प्रस्ताव रखा है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

    1. केवल 1 और 3
    2. केवल 1 और 2
    3. केवल 2 और 3
    4. 1, 2 और 3
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: केवल 1 और 3

    काजीरंगा UNESCO विश्व धरोहर स्थल है (कथन 1 सही)। Supreme Court के 2022 के आदेश में न्यूनतम 1 km का ESZ अनिवार्य किया गया था, 10 km नहीं (कथन 2 गलत)। असम सरकार ने ESZ को 1 km करने का संकेत दिया है (कथन 3 सही)।

  2. Q2

    भारत में इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) की अधिसूचना किस अधिनियम के अंतर्गत की जाती है?

    1. Wildlife (Protection) Act, 1972
    2. Environment (Protection) Act, 1986
    3. Biological Diversity Act, 2002
    4. स्रोत सामग्री के सत्यापित दायरे से बाहर का दावा
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: Environment (Protection) Act, 1986

    ESZ को Environment (Protection) Act, 1986 के अंतर्गत अधिसूचित किया जाता है। Wildlife (Protection) Act, 1972 संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना से संबंधित है, परन्तु ESZ की अधिसूचना पर्यावरण अधिनियम के तहत होती है।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न

  • GS-3 2021: संरक्षित क्षेत्रों के आसपास अधिसूचित इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) के उद्देश्य की व्याख्या करें।
  • GS-3 2018: भारत में जैव विविधता किस प्रकार भिन्न होती है? वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण में Biological Diversity Act, 2002 किस प्रकार सहायक है?
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