राजव्यवस्था और शासनGS Paper 2 · 19 अगस्त 2026
PM CARES ने वित्त वर्ष 2024-25 का प्राप्ति और भुगतान लेखा प्रकाशित किया
PM CARES ने 18 अगस्त 2026 को वित्त वर्ष 2024-25 का प्राप्ति और भुगतान लेखा प्रकाशित किया। आधिकारिक विवरण में ₹479.05 करोड़ के घरेलू दान, लगभग ₹0.93 करोड़ के विदेशी दान, ₹87.85 लाख के भुगतान तथा ₹8,452.07 करोड़ की अंतिम शेष राशि दर्ज है, जिसमें ₹7,846.65 करोड़ की सावधि जमा शामिल है। कोष की प्रश्नोत्तर सामग्री इसे सार्वजनिक धर्मार्थ न्यास बताती है, जिसके लेखों की जाँच न्यासियों द्वारा नियुक्त स्वतंत्र लेखापरीक्षक करता है; साथ ही आयकर कानून के अंतर्गत लेखापरीक्षा की कोई निश्चित वैधानिक अवधि निर्धारित नहीं होने की बात कही गई है। इसलिए यह प्रकटीकरण आपात राहत संस्था में कानूनी स्वरूप, लेखापरीक्षा, सार्वजनिक सूचना और परिणाम-आधारित जवाबदेही के संबंध पर विचार का अवसर देता है।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS-2 शासन: पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही, सार्वजनिक न्यास तथा वैधानिक लेखापरीक्षा, स्वतंत्र लेखापरीक्षा और विधायी निगरानी का अंतर। किसी अनियमितता का अनुमान लगाए बिना विश्लेषण करना चाहिए। प्रकाशित लेखा प्राप्ति, भुगतान और शेष राशि बताता है; पर्याप्तता का आकलन स्पष्ट उद्देश्यों, समयबद्ध प्रकटीकरण, व्यय मानदंड और मापनीय राहत परिणामों से होगा।
इस खबर को कैसे पढ़ें
परीक्षा की दृष्टि से कम भुगतान या बड़ी अंतिम शेष राशि देखकर अनियमितता का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। मुख्य बात जवाबदेही के विभिन्न स्तरों को अलग करना है। स्वतंत्र रूप से जाँचा गया प्राप्ति और भुगतान लेखा अपने दायरे में दर्ज वित्तीय प्रवाह की पुष्टि करता है। वह अपने-आप यह नहीं बताता कि संस्था ने उचित हस्तक्षेप चुना, सही समय पर राशि दी अथवा अपने उद्देश्यों के अनुरूप राहत परिणाम प्राप्त किए। PM CARES ने ₹479.05 करोड़ का घरेलू दान और ₹87.85 लाख का भुगतान दर्ज किया, जबकि अंतिम शेष ₹8,452.07 करोड़ रही, जिसका बड़ा भाग सावधि जमा में था। ये आँकड़े कार्यक्रम-स्तरीय जानकारी और समझने योग्य उपयोग रूपरेखा की आवश्यकता सामने रखते हैं। मुख्य परीक्षा के उत्तर में कानूनी अनुपालन, वित्तीय शुचिता, संचालनगत दक्षता और लोकतांत्रिक वैधता अलग-अलग स्पष्ट करें। आपात संस्था को लचीलेपन और आरक्षित राशि की आवश्यकता हो सकती है। सुधार का अर्थ हर उपलब्ध राशि तत्काल खर्च करना नहीं, बल्कि समयबद्ध लेखा, आरक्षित और वितरण मानदंड, कार्यक्रम परिणाम तथा विश्वसनीय शिकायत एवं मूल्यांकन व्यवस्था प्रकाशित करना है। इस प्रकार पारदर्शिता जवाबदेही का साधन है, उसका पूर्ण विकल्प नहीं।
पेपर का व्यापक संदर्भ
GS-2 के विषय भरोसे, डेटा और सहयोग पर चलने वाली संस्थाओं की वैधता से जुड़े हैं। PM CARES में प्रकटीकरण और परिणामगत जवाबदेही प्रमुख हैं। Aadhaar विद्यालय अभियान राज्य क्षमता से अंतिम छोर की बाधा घटाता है, पर सुधार, गोपनीयता और वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य बनाता है। BRICS पर्यावरण परिणाम मृदु-विधि सहयोग का उदाहरण है, जहाँ सहमति ज्ञान और प्राथमिकता को व्यवस्थित करती है, पर घरेलू क्रियान्वयन निर्णायक रहता है। उत्तर में घोषित उद्देश्य और जवाबदेही तंत्र अलग करके यह पूछें कि विफलता पर सुधार कौन और कैसे माँग सकता है।
संभावित प्रश्न
वित्तीय प्रकटीकरण सार्वजनिक जवाबदेही के लिए आवश्यक है, परंतु पर्याप्त नहीं। आपात राहत कोषों के शासन के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए PM CARES के आधिकारिक प्रकटीकरण का सही वर्णन क्या है?
- यह वित्तीय प्रवाह और शेष राशि दिखाने वाला प्राप्ति एवं भुगतान लेखा है।
- यह प्रत्येक राहत कार्यक्रम की संसदीय निष्पादन लेखापरीक्षा है।
- यह कार्यक्रम-स्तरीय परिणाम सूचना की आवश्यकता समाप्त करता है।
- यह सिद्ध करता है कि पूरी शेष राशि तत्काल खर्च करनी चाहिए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: यह वित्तीय प्रवाह और शेष राशि दिखाने वाला प्राप्ति एवं भुगतान लेखा है।
स्रोत प्राप्ति और भुगतान लेखा है। यह वित्तीय प्रवाह तथा शेष बताता है, पर अपने-आप विधायी या कार्यक्रम-परिणाम लेखापरीक्षा नहीं बनता।
Q2
पूर्ण सार्वजनिक जवाबदेही के लिए वित्तीय प्रकटीकरण अकेला पर्याप्त क्यों नहीं है?
- क्योंकि शासन में वित्तीय आँकड़ों का कोई महत्व नहीं होता।
- क्योंकि अनुपालन सूचना को उद्देश्य, निर्णय और मापनीय परिणाम से जोड़ना होता है।
- क्योंकि स्वतंत्र लेखापरीक्षा सार्वजनिक सूचना का स्थान लेती है।
- क्योंकि आपात संस्था कोई आरक्षित राशि नहीं रख सकती।
उत्तर देखें
सही उत्तर: क्योंकि अनुपालन सूचना को उद्देश्य, निर्णय और मापनीय परिणाम से जोड़ना होता है।
वित्तीय शुचिता एक आयाम है। जवाबदेही यह भी पूछती है कि निर्णय ने उद्देश्य कैसे पूरा किया, क्या परिणाम मिला और कौन-सा उपचार या मूल्यांकन उपलब्ध है।
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