क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने रिकॉर्ड लाभ दर्ज किया, सुधार का ध्यान समावेशन और परिसंपत्ति गुणवत्ता परअर्थव्यवस्था और ऊर्जा

GS Paper 3 · 26 अगस्त 2026

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने रिकॉर्ड लाभ दर्ज किया, सुधार का ध्यान समावेशन और परिसंपत्ति गुणवत्ता पर

वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अब 26 राज्यों, 3 केंद्रशासित प्रदेशों और लगभग 700 जिलों में 22,273 शाखाओं से काम करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में उनका संयुक्त कारोबार Rs 13.5 लाख करोड़ से अधिक हुआ। शुद्ध लाभ पिछले वर्ष के Rs 6,820 करोड़ से बढ़कर Rs 10,176 करोड़ हुआ, जबकि सकल अनर्जक परिसंपत्ति 5.3 प्रतिशत और शुद्ध अनर्जक परिसंपत्ति 2.1 प्रतिशत पर आई। बैंकों ने वर्ष में प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत 54.98 लाख से अधिक खाते भी खोले। आंकड़े बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दिखाते हैं, पर विकासात्मक दायित्व का परीक्षण व्यापक होना चाहिए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को विवेकपूर्ण ऋण के साथ छोटे किसान, ग्रामीण उद्यम और वंचित परिवार को समय पर वित्त देना है। शासन में ऋण-पुस्तिका गुणवत्ता, क्षेत्रीय अंतर, सेवा पहुंच, डिजिटल विश्वसनीयता, ग्राहक संरक्षण और इस बात की जांच होनी चाहिए कि समेकन स्थानीय ज्ञान बचाता है या केवल प्रमुख अनुपात सुधारता है।

यूपीएससी के लिए महत्व

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में वित्तीय समावेशन, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, बैंक सुधार और ग्रामीण विकास को जोड़ें। लाभ और परिसंपत्ति गुणवत्ता के साथ पहुंच, वहनीयता, शिकायत निवारण और ऋण के उत्पादक उपयोग का आकलन करें।

इस खबर को कैसे पढ़ें

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक स्थानीय पहुंच और औपचारिक बैंक अनुशासन को जोड़ने के लिए बने। बेहतर लाभ तथा कम दबावग्रस्त परिसंपत्ति ऋण क्षमता मजबूत करती है, पर विकासात्मक प्रभाव स्वतः सिद्ध नहीं होता। बैंक कठिन क्षेत्र या लक्षित समूह से बचकर अनुपात सुधार सकता है। प्रदर्शन बहुआयामी होना चाहिए—टिकाऊ आय, विवेकपूर्ण ऋण, उत्पादक ग्रामीण काम के लिए वित्त, भौगोलिक पहुंच, ग्राहक संरक्षण और न्यायपूर्ण वसूली। समेकन तकनीक और पैमाना दे सकता है, जबकि अत्यधिक केंद्रीकरण स्थानीय फसल, बाजार और भुगतान चक्र का ज्ञान घटा सकता है। डिजिटल मार्ग लागत कम करते हैं, पर भरोसेमंद संपर्क, सहायता और धोखाधड़ी सुरक्षा चाहिए। नया खाता तभी मूल्यवान है जब बचत, भुगतान, बीमा या समय पर कार्यशील पूंजी में उपयोग हो। बिना परियोजना जांच के लक्ष्य भविष्य का संकट बना सकता है; कठोर जोखिम मॉडल सक्षम छोटे उधारकर्ता को बाहर कर सकता है। सहकारी संस्था, किसान संगठन और नकदी प्रवाह आंकड़ा निर्णय बेहतर कर सकते हैं, किंतु विवेक का स्थान नहीं लेते। UPSC में इसे दोहरे परिणाम वाली संस्था कहें। वित्तीय क्षमता सार्वजनिक संसाधन बचाती है और मापनीय समावेशन विशेष दायित्व को उचित ठहराता है। बोर्ड, पर्यवेक्षक और सरकार तुलनीय वित्तीय तथा सेवा संकेतक प्रकाशित करें, क्षेत्रीय अंतर पर कार्रवाई करें और कमजोर सौदेबाजी वाले ग्राहक के लिए शिकायत उपचार बचाएं।

पेपर का व्यापक संदर्भ

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में प्रमुख प्रदर्शन और लचीली क्षमता को अलग करें। बैंक लाभ के साथ समावेशन और ऋण गुणवत्ता, प्रणोदन नमूने के साथ परीक्षण और जीवनचक्र समर्थन, तथा खनिज उपकरण के साथ अनिश्चितता और सत्यापन पढ़ें। रणनीतिक स्वायत्तता विश्वसनीय संस्था, प्रतिस्पर्धी आपूर्तिकर्ता और उपयोगी ज्ञान से बनती है। उत्तर में बाजार या राज्य विफलता, सार्वजनिक हस्तक्षेप, क्रियान्वयन जोखिम, जवाबदेही और विस्तार से पहले आवश्यक प्रमाण समझाएं।

संभावित प्रश्न

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का बेहतर लाभ आवश्यक है, किंतु विकासात्मक दायित्व पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं। उपयुक्त प्रदर्शन रूपरेखा का विश्लेषण कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    केवल लाभ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का अधूरा माप क्यों है?

    1. लाभ हर ऋण रोकता है
    2. विकासात्मक पहुंच और सेवा गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण हैं
    3. परिसंपत्ति गुणवत्ता अप्रासंगिक है
    4. ग्रामीण ऋण का सार्वजनिक उद्देश्य नहीं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: विकासात्मक पहुंच और सेवा गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण हैं

    विशेष समावेशन दायित्व के कारण मजबूत वित्त के साथ पहुंच और उत्पादक ग्रामीण ऋण भी मापना चाहिए।

  2. Q2

    कौन-सा सुधार दोहरे परिणाम वाले दायित्व को सबसे अच्छा बचाता है?

    1. हर छोटे उधारकर्ता से बचना
    2. वित्तीय और समावेशन संकेतक साथ प्रकाशित करना
    3. सहायता मार्ग बंद करना
    4. केवल शाखा संख्या देखना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: वित्तीय और समावेशन संकेतक साथ प्रकाशित करना

    संयुक्त संकेतक बताते हैं कि वित्तीय क्षमता और विकासात्मक उद्देश्य साथ पूरे हो रहे हैं या नहीं।

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