GS Paper 1 · 7 सितम्बर 2026
सम-क्षेत्र मानचित्र पर भारत के UN मत ने चित्रण समानता को सीमा अनुमोदन से अलग रखा
आकाशवाणी ने 6 सितंबर 2026 को बताया कि भारत ने 4 सितंबर को स्वीकृत UN महासभा प्रस्ताव 'Correct the Map: Rebalancing Global Cartographic Representation and Promoting Equitable Representation of the World's Regions, Particularly Africa' के पक्ष में मतदान किया। प्रस्ताव ऐसे सम-क्षेत्र प्रक्षेप को प्रोत्साहित करता है, जो महाद्वीपीय भूभागों के सापेक्ष आकार सुरक्षित रखते हैं। भारत के मत-स्पष्टीकरण ने इस मूल सिद्धांत का समर्थन किया, पर कहा कि प्रस्ताव किसी विशेष प्रक्षेप, मानचित्र या राष्ट्रीय सीमाओं के चित्रण का अनुमोदन नहीं है। विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों सहित भारत का संप्रभु क्षेत्र भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुसार दिखना चाहिए। यह विषय भूगोल और कूटनीति का स्पष्ट संगम है। प्रत्येक समतल विश्व मानचित्र गोल पृथ्वी को रूपांतरित करता है और कोई प्रक्षेप क्षेत्रफल, आकृति, दूरी तथा दिशा सभी को एक साथ पूर्णतः सुरक्षित नहीं रख सकता। प्रचलित Mercator प्रक्षेप नौवहन में उपयोगी है, पर ऊंचे अक्षांश के क्षेत्रों को बड़ा दिखाता है। सम-क्षेत्र प्रक्षेप सापेक्ष क्षेत्रफल सुधारते हैं, किंतु आकृति बदलते हैं। इसलिए प्रक्षेप का चुनाव सार्वजनिक धारणा प्रभावित करता है, जबकि सीमा चित्रण अलग वैधानिक और राजनीतिक प्रश्न है। मानचित्र साक्षरता में गणितीय समझ और संप्रभु संवेदनशीलता दोनों चाहिए।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS पेपर 1 में यह मानचित्र प्रक्षेप, विकृति और अनुरूप तथा सम-क्षेत्र प्रयोजनों का अंतर समझाता है। GS पेपर 2 में यह दिखाता है कि बहुपक्षीय मत में सिद्धांत का समर्थन और औपचारिक राष्ट्रीय आरक्षण साथ हो सकते हैं। यह दावा न करें कि UN ने एक बाध्यकारी राजनीतिक मानचित्र अपनाया। प्रक्षेप समझौते, अफ्रीका की प्रतिनिधित्व चिंता, विशेष सीमा के गैर-अनुमोदन और भारत की आधिकारिक मानचित्र स्थिति स्पष्ट करें।
इस खबर को कैसे पढ़ें
मानचित्र प्रक्षेप वक्र सतह के बिंदुओं को समतल पर रखने का नियम है। विकृति अनिवार्य है, इसलिए प्रश्न यह है कि मानचित्र के उद्देश्य के लिए कौन-सा गुण चाहिए। Mercator स्थानीय कोण सुरक्षित रखता है और नौवहन में उपयोगी है, पर ध्रुव की ओर पैमाना बढ़ता है तथा ऊंचे अक्षांश का भूभाग बड़ा दिखता है। सम-क्षेत्र प्रक्षेप आनुपातिक क्षेत्रफल बचाता है, इसलिए महाद्वीपीय आकार तुलना अधिक सही होती है, पर आकृति और कोण बदलते हैं। यह तकनीकी चुनाव कक्षा की कल्पना और सार्वजनिक कथा प्रभावित करता है, विशेषतः जब अफ्रीका उत्तरी क्षेत्रों की तुलना में वास्तविक से छोटा दिखे। किंतु प्रक्षेप और सीमा अलग परतें हैं। एक ज्यामिति का और दूसरा भूभाग के वैधानिक-राजनीतिक चित्रण का प्रश्न है। भारत का मत-स्पष्टीकरण दिखाता है कि बहुपक्षीय कूटनीति सामान्य प्रतिनिधित्व सिद्धांत का समर्थन करते हुए गलत सीमा चित्रण पर आरक्षण रख सकती है। मत को प्रस्ताव से जुड़े हर तत्व की स्वीकृति मानने से बचने में ऐसा स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है। मानचित्र उपयोगकर्ता प्रक्षेप, पैमाना, तिथि, स्रोत और सीमा अस्वीकरण देखें। UPSC में किसी एक प्रक्षेप को सार्वभौमिक रूप से सही न कहें; समझौता समझाएं, प्रयोजन के अनुसार प्रक्षेप चुनें और संप्रभुता को क्षेत्रफल के गणित से अलग रखें।
पेपर का व्यापक संदर्भ
प्रक्षेप चुनाव से भौतिक भूगोल और प्रतिनिधित्व जोड़ें। पहले गणितीय समझौता बताएं, फिर क्षेत्रफल सुधार को क्षेत्रीय सीमा के अनुमोदन से अलग रखते हुए राजनीतिक प्रभाव समझाएं।
संभावित प्रश्न
मानचित्र प्रक्षेप तकनीकी चुनाव हैं जिनके राजनीतिक प्रभाव होते हैं, पर प्रक्षेप सुधार क्षेत्रीय सीमाएं तय नहीं करता। सम-क्षेत्र मानचित्रण और भारत के UN मत के संदर्भ में समझाइए।
त्वरित अभ्यास
Q1
सम-क्षेत्र मानचित्र प्रक्षेप कौन-सा गुण सुरक्षित रखता है?
- हर स्थानीय कोण
- भूभाग का सापेक्ष क्षेत्रफल
- सभी दूरियां
- सभी आकृतियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: भूभाग का सापेक्ष क्षेत्रफल
सम-क्षेत्र प्रक्षेप अन्य गुणों में विकृति स्वीकार करके आनुपातिक क्षेत्रफल सुरक्षित रखता है।
Q2
भारत के मत-स्पष्टीकरण ने किसका अंतर रखा?
- नौवहन और भूगोल
- सम-क्षेत्र प्रतिनिधित्व समर्थन और किसी विशेष मानचित्र या सीमा चित्रण के अनुमोदन
- अफ्रीका और दक्षिणी गोलार्ध
- डिजिटल और मुद्रित मानचित्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: सम-क्षेत्र प्रतिनिधित्व समर्थन और किसी विशेष मानचित्र या सीमा चित्रण के अनुमोदन
भारत ने सिद्धांत का समर्थन किया, पर संप्रभु क्षेत्र के सही चित्रण की औपचारिक स्थिति सुरक्षित रखी।
संबंधित अभ्यास प्रश्न
- सभी समतल मानचित्र पृथ्वी को विकृत क्यों करते हैं और प्रक्षेप का चुनाव उद्देश्य के अनुसार कैसे होना चाहिए?
- कोई राज्य संप्रभुता पर औपचारिक स्थिति सुरक्षित रखते हुए बहुपक्षीय सिद्धांत का समर्थन कैसे कर सकता है?