राज्य जैवविविधता बैठक ने संरक्षण को राष्ट्रीय लक्ष्य से स्थानीय संस्था तक पहुंचायापर्यावरण और स्वास्थ्य

GS Paper 3 · 7 सितम्बर 2026

राज्य जैवविविधता बैठक ने संरक्षण को राष्ट्रीय लक्ष्य से स्थानीय संस्था तक पहुंचाया

राज्य जैवविविधता बोर्डों और केंद्रशासित प्रदेश जैवविविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक 6 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में आरंभ हुई। राष्ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण ने दो दिवसीय बैठक इसलिए बुलाई कि राज्य नियम, संस्थाएं और कार्यान्वयन संशोधित राष्ट्रीय जैवविविधता शासन-ढांचे से मेल खाएं। आधिकारिक विज्ञप्ति ने गतिशील स्थानीय योजना, बेहतर लोक जैवविविधता पंजिका, मजबूत जैवविविधता प्रबंधन समितियां और पारितंत्र पुनर्स्थापन, प्रजाति तथा आवास संरक्षण, कृषि-जैवविविधता और जलवायु-सहिष्णु परिदृश्य में मापनीय परिणामों पर बल दिया। इसमें 2024-2030 की अद्यतन राष्ट्रीय जैवविविधता रणनीति और कार्ययोजना तथा कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैवविविधता ढांचे से उसका सामंजस्य बताया गया। केंद्रीय मंत्री ने राज्य और स्थानीय कार्यान्वयन को वैश्विक 30-by-30 संरक्षण लक्ष्य से भी जोड़ा और कहा कि पहुंच एवं लाभ-साझाकरण के माध्यम से किसानों, समुदायों, स्थानीय समितियों, राज्य बोर्डों, केंद्रशासित परिषदों और अनुसंधान संस्थानों को ₹200 करोड़ से अधिक बांटे गए हैं। मुख्य शासन प्रश्न ऊर्ध्वाधर रूपांतरण का है: वैश्विक प्रतिबद्धता और केंद्रीय कानून तभी परिणाम देते हैं, जब स्थानीय अभिलेख सही हों, सामुदायिक ज्ञान का सम्मान हो, संस्थागत क्षमता हो और लाभ-साझाकरण से दिखाई देने वाला संरक्षण तथा आजीविका लाभ मिले।

यूपीएससी के लिए महत्व

GS पेपर 3 में यह बैठक जैवविविधता अधिनियम, संघीय पर्यावरण शासन, पहुंच एवं लाभ-साझाकरण, पारंपरिक ज्ञान और भारत की वैश्विक प्रतिबद्धताओं को जोड़ती है। GS पेपर 2 में यह राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय संस्थाओं के बहुस्तरीय कार्यान्वयन का उदाहरण है। उत्तर में पंजिका और जीवंत शासन का अंतर रखें; आंकड़ों की गुणवत्ता, समुदाय भागीदारी, सहमति, निधि उपयोग, क्षमता और मापनीय पारिस्थितिक सुधार वास्तविक विकेंद्रीकरण तय करते हैं।

इस खबर को कैसे पढ़ें

जैवविविधता शासन प्रायः रूपांतरण स्तर पर विफल होता है। राष्ट्रीय कानून दायित्व और अंतरराष्ट्रीय ढांचा लक्ष्य तय कर सकते हैं, पर प्रजातियां और पारंपरिक ज्ञान विशिष्ट परिदृश्य में स्थानीय निर्णयों के अधीन होते हैं। लोक जैवविविधता पंजिका तभी योजना और लाभ दावे में उपयोगी है, जब समुदाय के साथ सत्यापित, अद्यतन और शोषणकारी प्रकटीकरण से सुरक्षित हो। पूरी पंजिका स्वयं संरक्षण नहीं है। जैवविविधता प्रबंधन समिति को तकनीकी सहायता, अनुमान योग्य वित्त, प्रतिनिधित्व और अभिलेख को आवास पुनर्स्थापन, सतत उपयोग तथा आजीविका निर्णय से जोड़ने का अधिकार चाहिए। राज्य बोर्ड सामान्य मानक दें, पर पारिस्थितिक विविधता की गुंजाइश रखें। पहुंच एवं लाभ-साझाकरण में वाणिज्यिक उपयोगकर्ता योगदान देते हैं और लाभ संरक्षण तथा ज्ञान धारकों तक पहुंचना चाहिए। स्रोत व्यक्ति न मिले तो क्षेत्र-आधारित सूत्र जरूरी हो सकता है, पर आवंटन और निधि उपयोग पारदर्शी हों। 30-by-30 लक्ष्य अधिकार, प्रबंधन क्षमता या पारिस्थितिक संपर्क के बिना सीमा खींचने की दौड़ न बने। आवास दशा, प्रजाति प्रवृत्ति, पुनर्स्थापन उत्तरजीविता, सामुदायिक आय और संस्था प्रदर्शन मापें। UPSC में विकेंद्रीकरण को जवाबदेह सहायकता की श्रृंखला बनाएं: संसाधन के पास निर्णय, ऊपर वैज्ञानिक-कानूनी सहायता और समुदाय के लिए शिकायत मार्ग।

पेपर का व्यापक संदर्भ

सीमावर्ती विकास, जैवविविधता, प्रजाति पुनर्बहाली और नवाचार को आयोजन नहीं, व्यवस्था मानें। वित्त और अवसंरचना को स्थानीय संस्था, पारिस्थितिक सुरक्षा, क्षमता, रखरखाव और मापनीय परिणाम से जोड़ें।

संभावित प्रश्न

भारत की जैवविविधता प्रतिबद्धताएं स्थानीय स्तर पर ही साकार होंगी। राष्ट्रीय नीति को संरक्षण परिणामों में बदलने में राज्य जैवविविधता बोर्डों और जैवविविधता प्रबंधन समितियों की संस्थागत भूमिका का परीक्षण कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    लोक जैवविविधता पंजिका शासन साधन कब बनती है?

    1. केवल प्रारूप पूरा होने पर
    2. समुदाय से छिपाने पर
    3. सत्यापन, अद्यतन, समुदाय भागीदारी और योजना तथा लाभ-साझाकरण में उपयोग पर
    4. आवास अनुश्रवण हटाने पर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: सत्यापन, अद्यतन, समुदाय भागीदारी और योजना तथा लाभ-साझाकरण में उपयोग पर

    विश्वसनीय स्थानीय ज्ञान को जवाबदेह संरक्षण और समान निर्णय से जोड़ने पर पंजिका सार्वजनिक मूल्य बनाती है।

  2. Q2

    पहुंच एवं लाभ-साझाकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    1. सारा अनुसंधान रोकना
    2. जैव संसाधन उपयोग को न्यायपूर्ण लाभ और संरक्षण से जोड़ना
    3. हर स्थानीय निर्णय केंद्रीय बनाना
    4. राज्य बोर्ड हटाना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: जैव संसाधन उपयोग को न्यायपूर्ण लाभ और संरक्षण से जोड़ना

    ABS जैव संसाधन उपयोग से प्राप्त लाभ का न्यायपूर्ण वितरण और संरक्षण समर्थन चाहता है।

संबंधित अभ्यास प्रश्न

  • जैवविविधता और पारंपरिक ज्ञान संरक्षण में स्थानीय संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
  • पहुंच एवं लाभ-साझाकरण जैव संसाधनों के वाणिज्यिक उपयोग को समानता और संरक्षण से कैसे जोड़ सकता है?
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