स्वच्छ वायु सर्वेक्षण ने स्वच्छ-वायु नीति को परिणाम और सत्यापन की चुनौती बनायापर्यावरण और स्वास्थ्य

GS Paper 3 · 8 सितम्बर 2026

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण ने स्वच्छ-वायु नीति को परिणाम और सत्यापन की चुनौती बनाया

2026 के पांचवें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के सभी 130 शहरों का तीन जनसंख्या समूहों में आकलन किया। प्रक्रिया में नगर का स्व-मूल्यांकन, राज्य की निगरानी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मूल्यांकन और स्वतंत्र क्षेत्रीय सत्यापन शामिल है; 10 श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले शहरों को मान्यता मिलती है। प्राण पोर्टल 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 130 शहरों की कार्रवाई देखता है तथा प्रदर्शन-संबद्ध अनुदान ₹16,425 करोड़ है। विज्ञप्ति के अनुसार 2025-26 की 2017-18 आधार अवधि से तुलना में 108 शहरों में कणीय पदार्थ घटा, 72 ने 20% से अधिक कमी, 26 ने 40% से अधिक कमी और 14 ने दस माइक्रोमीटर या उससे कम आकार के कणीय पदार्थ के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक प्राप्त किए। श्रेष्ठ व्यवहार संकलन उपयोगी उपाय फैलाने का प्रयास है। श्रेणीकरण प्रतिस्पर्धा और दृश्यता बढ़ा सकता है, किंतु वायु गुणवत्ता मौसम, क्षेत्रीय प्रदूषण प्रवाह, निगरानी की गुणवत्ता तथा परिवहन, धूल, उद्योग, अपशिष्ट और घरेलू ईंधन पर समन्वित कार्रवाई से प्रभावित होती है। इसलिए सत्यापन और तुलनीय आंकड़े केंद्रीय हैं।

यूपीएससी के लिए महत्व

सामान्य अध्ययन पेपर 3 के लिए सर्वेक्षण वायु प्रदूषण, पर्यावरण शासन, शहरीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन को जोड़ता है। यह सामान्य अध्ययन पेपर 2 में मापन, अंतर-सरकारी समन्वय और जवाबदेही का उदाहरण भी है। उत्तर में उत्सर्जन कार्रवाई और परिवेशी सांद्रता परिणाम अलग करें तथा समझाएं कि वायु-क्षेत्र प्रायः नगर और राज्य सीमा पार करते हैं।

इस खबर को कैसे पढ़ें

स्वच्छ-वायु श्रेणीकरण तभी उपयोगी है जब वह वास्तविक सुधार को पुरस्कृत करे, केवल कुशल प्रतिवेदन को नहीं। नगर का स्व-मूल्यांकन प्रमाण व्यवस्थित कर सकता है, राज्य समीक्षा कार्यान्वयन की तुलना कर सकती है और स्वतंत्र क्षेत्रीय जांच दावों की वास्तविकता परख सकती है। परिवेशी कणीय सांद्रता का कारण तय करना कठिन है, क्योंकि वर्षा, हवा, मौसमी दहन और नगर से बाहर का प्रदूषण माप बदलते हैं। इसलिए निष्पक्ष व्यवस्था परिणाम की प्रवृत्ति को सत्यापित कार्रवाई संकेतकों से जोड़े और अनिश्चितता बताए। निगरानी केंद्रों का पर्याप्त विस्तार, अंशांकन और निरंतरता चाहिए; अनुपस्थित या बदला हुआ केंद्र तुलना बिगाड़ सकता है। कार्ययोजना को स्रोत-विभाजन प्रमाण से परिवहन, सड़क धूल, निर्माण, उद्योग, अपशिष्ट दहन या घरेलू ईंधन की स्थानीय प्राथमिकता तय करनी चाहिए। प्रदर्शन अनुदान सेवा को प्रेरित कर सकता है, पर सूत्र गंभीर विरासत प्रदूषण या कमजोर राजकोष वाले नगर को अनुचित दंड न दे। वायु-क्षेत्र स्तर का सहयोग पड़ोसी जिलों और राज्यों को जोड़ता है, जबकि स्थानीय प्रवर्तन और सेवाओं की जिम्मेदारी नगर की रहती है। सार्वजनिक आंकड़े सरल, प्राप्त करने योग्य और जांच के लिए खुले हों। श्रेष्ठ व्यवहार तभी फैलता है जब स्थानीय दशा और लागत बताई जाए, न कि गतिविधि यांत्रिक रूप से दोहराई जाए। मुख्य परीक्षा में सर्वेक्षण को शासन साधन मानकर आधार रेखा, सत्यापन, बाहरी कारक, क्षेत्रीय समन्वय और स्वास्थ्य-संबंधी टिकाऊ परिणाम जांचें।

पेपर का व्यापक संदर्भ

प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा और पर्यावरण को राज्य क्षमता से जोड़ें। घोषित साधन को अपनाने, परिचालन तैयारी, लचीलापन और मापने योग्य सार्वजनिक मूल्य से अलग करें।

संभावित प्रश्न

नगर श्रेणीकरण स्वच्छ-वायु कार्यक्रम में जवाबदेही तभी सुधार सकता है जब संकेतक तुलनीय, स्वतंत्र रूप से सत्यापित और वायु-क्षेत्र आधारित कार्रवाई से जुड़े हों। विश्लेषण कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    परिवेशी कणीय पदार्थ के माप को केवल नगर कार्रवाई का परिणाम क्यों नहीं माना जा सकता?

    1. क्योंकि वायु प्रदूषण कभी सीमा पार नहीं करता
    2. क्योंकि मौसम और बाहर से आया प्रदूषण भी सांद्रता प्रभावित करते हैं
    3. क्योंकि निगरानी अनावश्यक है
    4. क्योंकि केवल घरेलू ईंधन नगरों को प्रभावित करता है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: क्योंकि मौसम और बाहर से आया प्रदूषण भी सांद्रता प्रभावित करते हैं

    मौसम और क्षेत्रीय प्रवाह परिवेशी सांद्रता बदलते हैं, इसलिए सत्यापित कार्रवाई और वायु-क्षेत्र संदर्भ भी आवश्यक हैं।

  2. Q2

    नगर स्वच्छ-वायु श्रेणीकरण को अधिक विश्वसनीय क्या बनाता है?

    1. बिना प्रमाण का स्व-प्रतिवेदित कार्य
    2. हर नगर के लिए समान उपाय
    3. निगरानी स्थल का बार-बार बदलना
    4. तुलनीय आधार रेखा, स्वतंत्र सत्यापन और पारदर्शी संकेतक
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: तुलनीय आधार रेखा, स्वतंत्र सत्यापन और पारदर्शी संकेतक

    तुलनीय आंकड़े और स्वतंत्र सत्यापन हेरफेर घटाते हैं तथा प्रदर्शन दावे को जांच के लिए खोलते हैं।

संबंधित अभ्यास प्रश्न

  • नगरीय वायु प्रदूषण के लिए नगर सीमा से बाहर समन्वय क्यों आवश्यक है?
  • पर्यावरण शासन में प्रदर्शन-संबद्ध अनुदान और सार्वजनिक श्रेणीकरण के उपयोग का मूल्यांकन कीजिए।
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