PM-SETU निवेश योजनाएँ ITI सुधार को उद्योग-नेतृत्व वाली जवाबदेही की कसौटी बनाती हैंराजव्यवस्था और शासन

GS Paper 2 · 9 सितम्बर 2026

PM-SETU निवेश योजनाएँ ITI सुधार को उद्योग-नेतृत्व वाली जवाबदेही की कसौटी बनाती हैं

PM-SETU की राष्ट्रीय संचालन समिति ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान समूहों के लिए ₹735.70 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं को स्वीकृति दी। इससे 9 समूहों में स्वीकृत निवेश ₹2,171 करोड़ हो गया। योजना उद्योग-नेतृत्व वाले केंद्र और सहायक संस्थान मॉडल से अवसंरचना का आधुनिकीकरण, व्यवसायों और पाठ्यक्रमों का उन्नयन तथा प्रशिक्षण को बदलती श्रम-बाजार आवश्यकताओं से जोड़ती है। उद्योग भागीदार, राजस्थान सरकार और केंद्रीय कौशल मंत्रालय के बीच अंशधारक समझौते ने भिवाड़ी समूह में कार्यान्वयन का औपचारिक आरंभ किया। महत्त्व केवल पूँजी स्वीकृति में नहीं है। भागीदारी का शासन, प्रशिक्षक क्षमता, शिक्षुता की गुणवत्ता, समावेशन, रखरखाव और विश्वसनीय रोजगार परिणाम तय करेंगे कि उन्नत संस्थान वास्तविक रोजगार-योग्यता बढ़ाते हैं या केवल उपकरण प्राप्त करते हैं।

यूपीएससी के लिए महत्व

GS प्रश्नपत्र 2 में यह सहकारी संघवाद, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और कौशल शिक्षा की परिणाम-आधारित जवाबदेही से जुड़ा है। GS प्रश्नपत्र 3 में रोजगार और मानव पूँजी प्रासंगिक हैं। उत्तर में पाठ्यक्रम नियंत्रण, परिचालन जोखिम, हित-संघर्ष और ऐसे संकेतकों की चर्चा होनी चाहिए जो अल्पकालिक नियुक्ति संख्या के बजाय टिकाऊ कौशल, वेतन और आजीविका गतिशीलता मापें।

इस खबर को कैसे पढ़ें

उद्योग भागीदारी व्यावसायिक प्रशिक्षण की उस पुरानी कमजोरी को सुधार सकती है जिसमें पाठ्यक्रम और उपकरण वास्तविक उत्पादन प्रक्रियाओं से पीछे रह जाते हैं। किंतु उद्योग-नेतृत्व वाला मॉडल अपने आप शिक्षार्थी-केन्द्रित नहीं होता। प्रमुख भागीदार अपनी तात्कालिक श्रम आवश्यकता को प्राथमिकता दे सकता है, जबकि विद्यार्थियों को ऐसे हस्तांतरणीय कौशल चाहिए जो अलग नियोक्ताओं और तकनीकी बदलाव में उपयोगी रहें। सार्वजनिक प्राधिकरण को पाठ्यक्रम की व्यापकता, पारदर्शी खरीद, प्रशिक्षक विकास, सुरक्षा, समावेशन और मान्य प्रमाणन सुरक्षित रखने चाहिए। समूह व्यवस्था महँगी प्रयोगशालाएँ और विशेषज्ञ प्रशिक्षक साझा कर सकती है, पर सहायक संस्थानों को वास्तविक पहुँच मिले। प्रदर्शन मापन में पाठ्यक्रम पूर्णता, शिक्षुता गुणवत्ता, टिकाऊ रोजगार, वेतन प्रगति और नियोक्ता विविधता शामिल हों तथा परिणाम लिंग और वंचित समूहों के अनुसार अलग दिखें। स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है, अन्यथा भागीदार रोजगार की अवधि और गुणवत्ता बताए बिना अनुकूल आँकड़े दे सकते हैं। राज्य स्थानीय श्रम बाजार समझते हैं, केंद्र मानक और वित्त देता है, उद्योग वर्तमान तकनीकी ज्ञान देता है। भूमिकाएँ स्पष्ट हों ताकि साझा व्यवस्था में जवाबदेही न खोए। UPSC उत्तर में इसे निर्माण कार्यक्रम नहीं, शासन प्रोत्साहन और शिक्षार्थी परिणाम पर निर्भर संस्थागत सुधार के रूप में प्रस्तुत करें।

पेपर का व्यापक संदर्भ

GS प्रश्नपत्र 2 की कथाओं को वितरणात्मक क्षमता से पढ़ें: संस्था, लक्षित लाभार्थी, सेवा शृंखला और उस साक्ष्य को पहचानें जो बताए कि औपचारिक विस्तार वास्तविक पहुँच सुधारता है।

संभावित प्रश्न

उद्योग की भागीदारी व्यावसायिक शिक्षा की प्रासंगिकता बढ़ा सकती है, किंतु इसके लिए सुदृढ़ सार्वजनिक जवाबदेही भी आवश्यक है। PM-SETU के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    उद्योग-नेतृत्व वाले ITI समूह की सबसे मजबूत जवाबदेही कसौटी क्या है?

    1. खरीदे गए उपकरणों का मूल्य
    2. बैठकों की संख्या
    3. सत्यापित टिकाऊ शिक्षार्थी परिणाम और हस्तांतरणीय कौशल
    4. भागीदारों को मिला प्रचार
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: बैठकों की संख्या

    व्यावसायिक सुधार का मूल्यांकन केवल आगत से नहीं, सीखने, शिक्षुता और टिकाऊ रोजगार से होना चाहिए।

  2. Q2

    उद्योग-नेतृत्व वाले पाठ्यक्रम में कौन-सा शासन जोखिम है?

    1. कोई नियोक्ता तकनीकी ज्ञान नहीं देगा
    2. भागीदार हस्तांतरणीय कौशल के बजाय संकीर्ण तात्कालिक श्रम आवश्यकता चुन सकता है
    3. राज्य स्थानीय श्रम बाजार नहीं समझ सकते
    4. सार्वजनिक मानक कानूनी रूप से असंभव हो जाते हैं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: सार्वजनिक मानक कानूनी रूप से असंभव हो जाते हैं

    सार्वजनिक निगरानी प्रशिक्षण को व्यापक और हस्तांतरणीय रखे, जबकि उद्योग वर्तमान कार्यस्थल ज्ञान दे।

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