GS Paper 2 · 10 सितम्बर 2026
पोषण माह 2026 पोषण संवाद को आहार गुणवत्ता और आंगनवाड़ी जवाबदेही की ओर ले जाता है
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया, जो 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' विषय के अंतर्गत मनाया जाएगा। अभियान में विविध आहार, पर्याप्त प्रोटीन, ताजा गर्म पका भोजन, आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और मेनू बोर्ड के माध्यम से सामुदायिक स्वामित्व, पोषण तथा आरंभिक उद्दीपन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 वर्ष प्रमुख हैं। मंत्रालय के अनुसार 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा लगभग 16 लाख किशोरियों को सेवा देते हैं। 2 लाख केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी बनाया जा रहा है। PMMVY के तहत 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को ₹21,000 करोड़ से अधिक हस्तांतरित हुए हैं। यह पैमाना दिखाता है, पर नीति की कसौटी आहार, मातृ देखभाल, वृद्धि निगरानी, बाल विकास और समयबद्ध रेफरल में सुधार है। समुदाय की भागीदारी विश्वसनीय सार्वजनिक वित्त और कार्यकर्ता क्षमता की पूरक होनी चाहिए, विकल्प नहीं।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS प्रश्नपत्र 2 के लिए यह पोषण, मातृ और बाल स्वास्थ्य, कल्याण वितरण, स्थानीय भागीदारी और महिला-केंद्रित सामाजिक नीति को जोड़ता है। उत्तर में अभियान गतिविधि और परिणाम अलग करें, जीवन-चक्र दृष्टि अपनाएँ तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता, खाद्य, प्रारंभिक शिक्षा, पंचायत और स्वयं सहायता समूहों के अभिसरण का परीक्षण करें।
इस खबर को कैसे पढ़ें
पोषण नीति एक महीने के संदेश से नहीं, परिवार और अग्रिम पंक्ति के बीच बार-बार होने वाली गुणवत्तापूर्ण बातचीत से सफल होती है। विविध आहार और प्रोटीन पर जोर इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि केवल कैलोरी से मापी खाद्य सुरक्षा के साथ सूक्ष्म पोषक कमी, कमजोर वृद्धि और मातृ दुर्बलता बनी रह सकती है। ताजा पका भोजन स्वीकार्यता और आहार गुणवत्ता सुधार सकता है, पर मेनू स्थानीय भोजन, सुरक्षित तैयारी, नियमित आपूर्ति और आयु-विशिष्ट आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। आंगनवाड़ी समिति और प्रदर्शित मेनू अधिकारों की जानकारी देकर सामाजिक जवाबदेही बढ़ा सकते हैं। उन्हें वित्त, कर्मचारी या अवसंरचना की सरकारी जिम्मेदारी को बिना भुगतान वाले सामुदायिक श्रम पर नहीं डालना चाहिए। स्मार्टफोन और डैशबोर्ड सेवा निगरानी में सहायक हैं, किंतु डेटा प्रविष्टि परामर्श, गृह भ्रमण और बाल देखभाल का समय न छीने। मापन को गतिविधि संख्या से आगे बढ़कर आहार गुणवत्ता, वृद्धि प्रवृत्ति, रक्ताल्पता में कमी, आरंभिक उद्दीपन, रेफरल पूर्णता और प्रवासी परिवारों के लिए निरंतरता देखनी चाहिए। सबसे कठिन पक्ष अभिसरण है, क्योंकि स्वास्थ्य कर्मी, आंगनवाड़ी, विद्यालय, स्वच्छता, खाद्य कार्यक्रम, पंचायत और स्वयं सहायता समूह अलग शृंखलाओं में काम करते हैं। उत्तर में जीवन-चक्र दृष्टि अपनाएँ, जीवन के प्रथम हजार दिनों को उच्च लाभ वाला अवसर मानें और किशोरियों तथा मातृ स्वास्थ्य को जोड़ें। निष्कर्ष जवाबदेह सेवा और सूचित पारिवारिक चयन पर हो, जागरूकता को वितरण का विकल्प न बनाए।
पेपर का व्यापक संदर्भ
GS प्रश्नपत्र 2 की कहानियों को प्रशासनिक न्याय और सामाजिक क्षेत्र वितरण से पढ़ें। अधिकार-धारक, सेवा शृंखला, शिकायत अथवा जवाबदेही तंत्र और उस साक्ष्य की पहचान करें जो कार्यक्रम के पैमाने को नागरिक के वास्तविक परिणाम से अलग करता है।
संभावित प्रश्न
भारत की पोषण चुनौती के लिए केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि जवाबदेह आंगनवाड़ी सेवाएँ और परिवार स्तर पर आहार परिवर्तन आवश्यक हैं। पोषण माह के संदर्भ में परीक्षण कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
कौन-सा दृष्टिकोण पोषण-संवेदी शासन को सबसे अच्छा दर्शाता है?
- अभियान गतिविधि को अंतिम परिणाम मानना
- कैलोरी को एकमात्र माप मानना
- विविध आहार, मातृ देखभाल, आरंभिक उद्दीपन और जवाबदेह आंगनवाड़ी सेवा जोड़ना
- सार्वजनिक वित्त को स्वैच्छिक श्रम से बदलना
उत्तर देखें
सही उत्तर: विविध आहार, मातृ देखभाल, आरंभिक उद्दीपन और जवाबदेह आंगनवाड़ी सेवा जोड़ना
पोषण परिणाम के लिए जीवन-चक्र में आहार गुणवत्ता और अभिसरित सेवा आवश्यक हैं।
Q2
आंगनवाड़ी शासन में सामुदायिक भागीदारी की उचित भूमिका क्या है?
- यह प्रशिक्षित कर्मियों को बदल दे
- यह सार्वजनिक वित्त समाप्त कर दे
- यह अधिकारों को गोपनीय रखे
- यह निगरानी और स्थानीय स्वामित्व मजबूत करे, जबकि वितरण की जिम्मेदारी राज्य के पास रहे
उत्तर देखें
सही उत्तर: यह निगरानी और स्थानीय स्वामित्व मजबूत करे, जबकि वितरण की जिम्मेदारी राज्य के पास रहे
सामुदायिक जवाबदेही विश्वसनीय सार्वजनिक व्यवस्था की पूरक है; वह राज्य दायित्व परिवारों पर नहीं डालती।
संबंधित अभ्यास प्रश्न
- अनेक खाद्य और पोषण कार्यक्रमों के बावजूद कुपोषण क्यों बना रहता है?
- मातृ और बाल पोषण परिणाम सुधारने में सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।