अर्थव्यवस्था और ऊर्जाGS Paper 3 · 26 अक्टूबर 2026
भारत–दक्षिण कोरिया जहाज़ निर्माण सहयोग औद्योगिक नीति को कौशल और समुद्री रणनीति से जोड़ता है
पोत परिवहन मंत्रालय के अनुसार सर्बानंद सोनोवाल ने जहाज़ निर्माण, पोत परिवहन, बंदरगाह और समुद्री रसद में सहयोग गहरा करने के लिए 25 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया की चार-दिवसीय यात्रा आरंभ की। बुसान में उन्होंने प्रमुख कोरियाई समुद्री कंपनियों में कार्यरत भारतीय पेशेवरों से मुलाकात की और अप्रैल में दोनों देशों द्वारा अपनाए गए वॉयेजेस ढाँचे को तकनीक, विनिर्माण और कौशल सहयोग के मंच के रूप में प्रस्तुत किया। विज्ञप्ति ने इस संपर्क को 2047 तक भारत को विश्व के शीर्ष पाँच जहाज़ निर्माता देशों में लाने के लक्ष्य और सितंबर 2025 में स्वीकृत नीतिगत प्रोत्साहन से जोड़ा। इसमें जहाज़ निर्माता, समुद्री अभियंता, नौसैनिक वास्तुकार, डिजाइनर, वेल्डर, परियोजना प्रबंधक और तकनीकी विशेषज्ञों की आवश्यकता बताई गई। यात्रा और ढाँचा सक्षमकारी कदम हैं; वे जहाज़, रोजगार या तकनीक हस्तांतरण के पहले से साकार होने का प्रमाण नहीं हैं। मूल्यांकन में अनुबंधित आदेश, घरेलू मूल्य संवर्धन, समय पर आपूर्ति, सुरक्षा, वित्त, कार्यबल गुणवत्ता, शोध क्षमता और पर्यावरण अनुपालन देखना चाहिए। रणनीतिक प्रश्न यह है कि साझेदारी प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र बनाएगी या केवल अलग-अलग अनुदान-निर्भर यार्ड।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS प्रश्नपत्र 3 में जहाज़ निर्माण को विनिर्माण नीति, रसद, रोजगार, तकनीक हस्तांतरण, समुद्री सुरक्षा और बाह्य क्षेत्र की प्रत्यास्थता से जोड़ें। घोषित प्रोत्साहन तथा साझेदारी को चालू क्षमता और निर्यात प्रतिस्पर्धा से अलग रखें।
इस खबर को कैसे पढ़ें
जहाज़ निर्माण एक तंत्र-आधारित उद्योग है। किसी यार्ड को डिजाइन, इस्पात, इंजन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वर्गीकरण, वित्त, बीमा, बंदरगाह पहुँच, कुशल श्रम और पूर्वानुमेय आदेश चाहिए। इन कड़ियों को मजबूत किए बिना अंतिम जहाज़ पर अनुदान देने से महँगी पर कम उपयोग वाली क्षमता बन सकती है। अनुभवी समुद्री अर्थव्यवस्था के साथ सहयोग संयुक्त डिजाइन, आपूर्तिकर्ता विकास, उत्पादन पद्धति और कार्यबल प्रशिक्षण से सीखने का समय घटा सकता है, किंतु तकनीक हस्तांतरण स्वतः नहीं होता। अनुबंध में स्थानीय अभियंत्रण भागीदारी, बौद्धिक संपदा व्यवस्था, गुणवत्ता उत्तरदायित्व और घरेलू आपूर्तिकर्ताओं के लिए स्पष्ट मार्ग होना चाहिए। कौशल नीति में तकनीशियन और वेल्डर के साथ नौसैनिक वास्तुकार, परियोजना प्रबंधक तथा सुरक्षा विशेषज्ञ भी शामिल हों। माँग महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि व्यावसायिक खरीदार वैश्विक यार्डों की कीमत, समय, विश्वसनीयता और जीवनचक्र सेवा की तुलना करते हैं। सार्वजनिक खरीद आदेश-शृंखला दे सकती है, पर प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन अनुशासन बनाए रखना चाहिए। ईंधन दक्षता, सामग्री, अपशिष्ट और जहाज़ पुनर्चक्रण में पर्यावरण नियम बढ़ते महत्त्व के हैं। मरम्मत क्षमता और सक्षम व्यापारी बेड़ा आपूर्ति-शृंखला प्रत्यास्थता को भी सहारा देते हैं। प्रशासन को अनुबंधित तथा वितरित क्षमता, स्थानीय मूल्य संवर्धन, उत्पादकता, प्रशिक्षण पूर्णता, दुर्घटना दर और निर्यात आदेश प्रकाशित करने चाहिए। उत्तर में साझेदारी को समझौता-पत्र या यात्रा की संख्या नहीं, सीख, क्षमता और प्रतिस्पर्धी उत्पादन से मापें। अस्थायी सहायता तभी सफल है जब वह टिकाऊ उत्पादकता बनाए।
पेपर का व्यापक संदर्भ
GS प्रश्नपत्र 3 में सुरक्षा और औद्योगिक घोषणा को प्रत्यास्थता, वैध समन्वय, कौशल, वित्त और मापनीय सेवा से परखें। तकनीक या प्रवर्तन सक्षम संस्था और सत्यापित परिणाम के माध्यम से ही मूल्य बनाते हैं।
संभावित प्रश्न
जहाज़ निर्माण प्रतिस्पर्धा केवल अनुदान नहीं, व्यापक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर है। भारत–दक्षिण कोरिया सहयोग के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
जहाज़ निर्माण को तंत्र-आधारित उद्योग क्यों कहा जाता है?
- यह केवल यार्ड भूमि पर निर्भर है
- यह डिजाइन, आपूर्तिकर्ता, वित्त, कौशल और जीवनचक्र सेवा को जोड़ता है
- इसमें सुरक्षा आवश्यकता नहीं है
- यह व्यापार का समर्थन नहीं कर सकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: यह डिजाइन, आपूर्तिकर्ता, वित्त, कौशल और जीवनचक्र सेवा को जोड़ता है
प्रतिस्पर्धी आपूर्ति के लिए जुड़ा हुआ औद्योगिक और सेवा पारिस्थितिकी तंत्र चाहिए।
Q2
साकार क्षमता का सर्वोत्तम सूचक कौन-सा है?
- हस्ताक्षरित यात्रा कार्यक्रम
- आकांक्षी भाषण
- घरेलू मूल्य संवर्धन और विश्वसनीय प्रदर्शन वाले वितरित जहाज़
- अपरीक्षित अनुदान
उत्तर देखें
सही उत्तर: घरेलू मूल्य संवर्धन और विश्वसनीय प्रदर्शन वाले वितरित जहाज़
वास्तविक आपूर्ति और मापनीय घरेलू क्षमता घोषणा से आगे जाती है।
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