दशकों में सबसे मजबूत El Niño वर्ष के अंत तक संभव: भारत के लिए निहितार्थआपदा प्रबंधन

GS Paper 1 · 15 अगस्त 2026

दशकों में सबसे मजबूत El Niño वर्ष के अंत तक संभव: भारत के लिए निहितार्थ

US National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) ने 2026 के अंत तक एक मजबूत El Niño विकसित होने की उच्च संभावना का पूर्वानुमान लगाया है, जो संभवतः दशकों में सबसे मजबूत हो सकता है। El Niño आम तौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करता है, जिससे सूखा, कृषि संकट, जल की कमी और उच्च खाद्य मुद्रास्फीति होती है। यह चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति भी बढ़ाता है, जो आपदा प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका के लिए चुनौतियाँ उत्पन्न करता है।

यूपीएससी के लिए महत्व

प्राथमिक GS-1 (भूगोल – जलवायु, El Niño Southern Oscillation)। द्वितीयक GS-3 (कृषि, आपदा प्रबंधन)। NCERT कक्षा 11 Geography – Climate, तथा Savindra Singh द्वारा Physical Geography में Indian Monsoon से जुड़ता है।

इस खबर को कैसे पढ़ें

इस समाचार का मूल्य केवल पूर्वानुमान में नहीं, बल्कि उस श्रृंखला में है जो समुद्र के तापमान से खेत और बाज़ार तक जाती है। NOAA का आकलन एक संभावना है, परंतु परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि El Niño को भारतीय मानसून से जोड़ने वाली क्रियाविधि क्या है, और यह कृषि, जल तथा मुद्रास्फीति को किस प्रकार प्रभावित करती है। सामान्यतः El Niño के वर्षों में Walker परिसंचरण कमजोर पड़ता है, जिससे हिंद महासागर की ओर नमी लाने वाली पवनें शिथिल हो जाती हैं और मानसून की वर्षा घट जाती है। यह केवल भौतिक भूगोल का तथ्य नहीं है; इसका सीधा संबंध खरीफ फसलों की बुआई, सिंचाई की मांग, ग्रामीण आय और खाद्य कीमतों से है। कमजोर मानसून से उत्पादन घटता है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में दबाव बनता है और खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ती है। साथ ही, चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ने से आपदा प्रबंधन की तैयारी, पूर्व चेतावनी प्रणाली और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा पर प्रश्न उठते हैं। उत्तर लिखते समय केवल El Niño की परिभाषा न दें; उसे मानसून, कृषि, अर्थव्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जोड़कर एक समेकित विश्लेषण प्रस्तुत करें। यही वह गहराई है जो सामान्य उत्तर को श्रेष्ठ उत्तर बनाती है।

पेपर का व्यापक संदर्भ

आज GS Paper 1 के तीनों आइटम—जनगणना 2027, El Niño और विभाजन स्मृति दिवस—एक ही धागे से बंधे हैं: जनसंख्या, जलवायु और इतिहास की स्मृति। परीक्षक यहाँ सामान्य विवरण नहीं, बल्कि आँकड़ों के पीछे की नीतिगत मंशा और सामाजिक प्रभाव पूछता है। जाति गणना को लेकर संवैधानिक आधार और गोपनीयता की चिंता, El Niño के मानसून पर प्रभाव की क्रियाविधि, और विभाजन की मानवीय कीमत—इन तीनों में ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पर जोर दें।

संभावित प्रश्न

NOAA द्वारा 2026 के अंत तक मजबूत El Niño की संभावना भारतीय मानसून, कृषि और खाद्य मुद्रास्फीति के लिए किस जोखिम शृंखला का निर्माण करती है? क्या मौजूदा आपदा प्रबंधन और कृषि नीतियाँ ऐसे पूर्वानुमानों के प्रति पर्याप्त रूप से अनुकूलित हैं?

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    NOAA के पूर्वानुमान के अनुसार, 2026 के अंत तक विकसित होने वाली El Niño स्थिति का भारतीय मानसून पर संभावित प्रभाव क्या होगा?

    1. मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय होगा
    2. मानसून कमजोर होगा और वर्षा में कमी आ सकती है
    3. मानसून पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
    4. मानसून का समय पूर्ववत रहेगा परंतु वर्षा बढ़ेगी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: मानसून कमजोर होगा और वर्षा में कमी आ सकती है

    स्रोत में स्पष्ट है कि El Niño आम तौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करता है, जिससे सूखा, कृषि संकट और जल की कमी होती है।

  2. Q2

    El Niño के भारत पर प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

    1. यह केवल तटीय क्षेत्रों में वर्षा बढ़ाता है
    2. यह खाद्य मुद्रास्फीति को कम करता है
    3. यह चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ाता है और ग्रामीण आजीविका को चुनौती देता है
    4. यह सिंचाई की मांग को घटाता है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: यह चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ाता है और ग्रामीण आजीविका को चुनौती देता है

    स्रोत के अनुसार El Niño चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ाता है, जो आपदा प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका के लिए चुनौतियाँ उत्पन्न करता है।

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