GS Paper 3 · 16 अगस्त 2026
PM Modi के 80वें स्वतंत्रता दिवस भाषण: आर्थिक परिवर्तन, 7-सूत्रीय सुधार एजेंडा और आत्मनिर्भरता दृष्टिकोण
India के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में, PM Modi ने 12 वर्षों में देश की 'Fragile 5' से विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों से 2047 तक 'Viksit Bharat' के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया तथा युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग, और महिला आरक्षण के कार्यान्वयन सहित सुधारों की घोषणा की। भाषण में आत्मनिर्भरता पर बल दिया गया तथा 7 प्रमुख सुधार क्षेत्रों की पहचान की गई। यह भारत की आर्थिक दिशा, शासन पहलों और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।
यूपीएससी के लिए महत्व
प्राथमिक: GS3 (भारतीय अर्थव्यवस्था - वृद्धि, विकास, आत्मनिर्भरता)। द्वितीयक: GS2 (शासन - कल्याणकारी योजनाएँ, सुधार), GS1 (समाज - महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय)। यह Ramesh Singh अध्याय 3 (वृद्धि और विकास) तथा Laxmikanth अध्याय 8 (राज्य के नीति निदेशक तत्व - अनुच्छेद 39) से जुड़ता है। Viksit Bharat 2047 लक्ष्य NITI Aayog के दृष्टिकोण से संबंधित है।
इस खबर को कैसे पढ़ें
प्रधानमंत्री के 80वें स्वतंत्रता दिवस भाषण को केवल घोषणाओं की सूची के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए। परीक्षा की दृष्टि से इसका महत्व इस बात में है कि यह भाषण आर्थिक नीति की निरंतरता और राजनीतिक दिशा को एक साथ जोड़ता है। 'Fragile 5' से सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने का दावा केवल आँकड़ों का उल्लेख नहीं है; यह वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की स्थिति में आए गुणात्मक परिवर्तन की ओर संकेत करता है। इसी प्रकार, 2047 तक 'Viksit Bharat' का लक्ष्य केवल एक समय-सीमा नहीं है, बल्कि नीति-निर्माण की दीर्घकालिक दृष्टि है, जो NITI Aayog के दस्तावेज़ों से जुड़ती है। सात सूत्रीय सुधार एजेंडा और युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग, तथा महिला आरक्षण के कार्यान्वयन जैसी घोषणाएँ मिलकर एक ऐसा ढाँचा बनाती हैं जिसमें आर्थिक वृद्धि को सामाजिक न्याय से जोड़ा गया है। यह संबंध संविधान के अनुच्छेद 39 के नीति निदेशक तत्वों की भावना से मेल खाता है, जो आय और संसाधनों के समान वितरण की बात करता है। मुख्य परीक्षा में इस भाषण का उपयोग करते समय ध्यान रखें कि आत्मनिर्भरता का अर्थ आयात-प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भारत की भागीदारी को मज़बूत करना है। यह भाषण आर्थिक सुधारों की राजनीतिक अर्थव्यवस्था को समझने का एक अवसर है—कैसे घोषणाएँ नागरिकों की आकांक्षाओं को नीति से जोड़ती हैं और किस प्रकार शासन की पहल सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बनती है।
पेपर का व्यापक संदर्भ
GS 3 के तीनों मुद्दे—पर्यावरणीय संवेदनशीलता, व्यापार अनुपालन, और अंतरिक्ष विनिर्माण—भारत की बाहरी दुनिया से जुड़ाव की परतें खोलते हैं। यहाँ सामान्य जाल यह है कि तथ्य तो याद रहते हैं, पर उनका आपसी संबंध नहीं बन पाता; आपदा, शुल्क और नवाचार तीनों एक ही आर्थिक-पारिस्थितिक तंत्र के अंग हैं।
संभावित प्रश्न
Fragile 5 से सबसे तेज़ वृद्धि तक की यात्रा बताना आसान है, पर 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक नहीं है। AI प्रशिक्षण, निःशुल्क कोचिंग और महिला आरक्षण—क्या ये सुधार सामाजिक आधार को भी उतना ही मज़बूत करेंगे?
त्वरित अभ्यास
Q1
प्रधानमंत्री के 80वें स्वतंत्रता दिवस भाषण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत को 'Fragile 5' से विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने में 12 वर्ष लगे। 2. भाषण में 2047 तक 'Viksit Bharat' के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया गया। 3. युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग की घोषणा की गई। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: 1, 2 और 3
भाषण में तीनों बातें कही गईं: 12 वर्षों में 'Fragile 5' से सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा, 2047 तक 'Viksit Bharat' का लक्ष्य, तथा युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और निःशुल्क कोचिंग की घोषणा।
Q2
प्रधानमंत्री के 80वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में 7 प्रमुख सुधार क्षेत्रों की पहचान की गई। निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र उन सुधारों में शामिल है?
- महिला आरक्षण का कार्यान्वयन
- कृषि निर्यात को बढ़ावा
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण
- विदेशी निवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
उत्तर देखें
सही उत्तर: महिला आरक्षण का कार्यान्वयन
भाषण में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को सुधारों में शामिल किया गया। अन्य विकल्प भाषण में उल्लिखित नहीं हैं।
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