अर्थव्यवस्था और ऊर्जाGS Paper 3 · 19 अगस्त 2026
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने प्राथमिकता क्षेत्र पर बल बनाए रखते हुए ऋण बढ़ाया
वित्त मंत्रालय ने 18 अगस्त 2026 को बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का सकल बकाया ऋण 10.3% बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 के ₹5.24 लाख करोड़ से वित्त वर्ष 2025-26 में ₹5.78 लाख करोड़ हो गया। समायोजित शुद्ध बैंक ऋण के निर्धारित 75% लक्ष्य के मुकाबले औसत प्राथमिकता क्षेत्र ऋण 91.7% रहा। कृषि और संबद्ध गतिविधियों में ₹3.78 लाख करोड़ अर्थात प्राथमिकता क्षेत्र ऋण का 77% था। MSME ऋण ₹66,978 करोड़ रहा, जिसमें 95% से अधिक सूक्ष्म उद्यमों को मिला। कमजोर वर्गों को ऋण ₹3.49 लाख करोड़ तक पहुँचा। आँकड़े विकासोन्मुख भूमिका दिखाते हैं, पर स्थिरता के लिए परिसंपत्ति गुणवत्ता, क्षेत्रीय संतुलन, प्रौद्योगिकी और ग्राहक संरक्षण का आकलन भी आवश्यक है।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS-3 अर्थव्यवस्था: वित्तीय समावेशन, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, ग्रामीण साख और संस्थागत वित्त। उच्च लक्ष्य-प्राप्ति विकासोन्मुखता दर्शाती है, पर पूर्ण उत्तर में यह जाँचना चाहिए कि ऋण उत्पादक, क्षेत्रीय रूप से समावेशी और वित्तीय रूप से सुदृढ़ है या नहीं तथा ग्राहकों को उपयुक्त उत्पाद, निष्पक्ष वसूली और प्रभावी शिकायत निवारण मिलता है या नहीं।
इस खबर को कैसे पढ़ें
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना स्थानीय समझ और संस्थागत वित्त को जोड़ने के लिए हुई थी, इसलिए उनके प्रदर्शन को पहुँच तथा वित्तीय सुदृढ़ता दोनों से मापना चाहिए। सकल ऋण 10.3% बढ़कर ₹5.78 लाख करोड़ हुआ और प्राथमिकता क्षेत्र ऋण समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का 91.7% रहा, जबकि लक्ष्य 75% था। कृषि सबसे बड़ा क्षेत्र रहा और MSME ऋण का 95% से अधिक सूक्ष्म उद्यमों को गया। ये संकेत विकासोन्मुखता दिखाते हैं, पर पुनर्भुगतान दबाव, क्षेत्रीय संकेंद्रण, उधारकर्ता आय या सेवा गुणवत्ता नहीं बताते। केवल लक्ष्य पर जोर अनुपयुक्त ऋण को बढ़ा सकता है, जबकि अत्यधिक सावधानी वही बहिष्करण दोहरा सकती है जिसे RRB को कम करना था। उत्तर में ऋण विस्तार को बेहतर मूल्यांकन, कृषि और उद्यम के नकदी प्रवाह की समझ, डिजिटल पहुँच, वित्तीय साक्षरता तथा निष्पक्ष वसूली से जोड़ें। समेकन और प्रौद्योगिकी दक्षता बढ़ा सकते हैं, पर स्थानीय उपस्थिति कमजोर नहीं होनी चाहिए। निष्कर्ष यह है कि प्राथमिकता क्षेत्र की उपलब्धि साधन है, अंतिम परिणाम नहीं। टिकाऊ समावेशन तब होगा जब संस्थागत ऋण शोषक उधारी को हटाए, उत्पादक परिसंपत्ति बनाए और आर्थिक तथा जलवायु आघात के समय भी उपलब्ध रहे।
पेपर का व्यापक संदर्भ
GS-3 के विषय निर्देशित ऋण, खरीद की निश्चितता, राजकोषीय एकरूपता और संसाधन आवंटन द्वारा बाजार व्यवहार बदलने को दिखाते हैं। RRB समावेशन को सहारा देते हैं, रक्षा स्वदेशीकरण घरेलू क्षमता चाहता है, MMDR संशोधन पूर्वानुमेय खनिज बाजार बनाता है और PNG योजना सक्रिय घरेलू कनेक्शन को पुरस्कृत करती है। इनका मूल्यांकन केवल निवेश या संख्या से न करें। उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ता संरक्षण, पर्यावरणीय बाह्य प्रभाव और मापनीय परिणाम से जोड़ें। संतुलित निष्कर्ष रणनीतिक क्षमता के साथ पारदर्शिता, संघीय परामर्श और स्वतंत्र मूल्यांकन बनाए रखे।
संभावित प्रश्न
वित्तीय समावेशन और विवेकपूर्ण, टिकाऊ ग्रामीण ऋण वितरण में संतुलन स्थापित करने में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की भूमिका का आकलन कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
RRB के प्राथमिकता क्षेत्र प्रदर्शन से सीधे क्या संकेत मिलता है?
- विकासोन्मुख ऋण पर मजबूत बल
- सभी ऋण जोखिम का अंत
- हर क्षेत्र में समान उधारकर्ता परिणाम
- वित्तीय स्थिरता की निगरानी की समाप्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: विकासोन्मुख ऋण पर मजबूत बल
उच्च प्राथमिकता क्षेत्र ऋण विकासोन्मुखता दर्शाता है, किंतु स्रोत शून्य जोखिम या हर क्षेत्र में समान परिणाम स्थापित नहीं करता।
Q2
ग्रामीण समावेशन और विवेकपूर्ण बैंकिंग को कौन-सा उपाय बेहतर जोड़ता है?
- उधारकर्ता मूल्यांकन के बिना ऋण लक्ष्य
- स्थानीय नकदी प्रवाह मूल्यांकन, उपयुक्त उत्पाद और निष्पक्ष वसूली
- कृषि ऋण से पूर्ण वापसी
- सभी स्थानीय शाखाओं को दूरस्थ केंद्रीय कार्यालय से बदलना
उत्तर देखें
सही उत्तर: स्थानीय नकदी प्रवाह मूल्यांकन, उपयुक्त उत्पाद और निष्पक्ष वसूली
सुदृढ़ समावेशन पहुँच के साथ उपयुक्त मूल्यांकन, ग्राहक संरक्षण और ग्रामीण आजीविका के अनुरूप पुनर्भुगतान जोड़ता है।
संबंधित विगत वर्ष प्रश्न
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- GS-3: विकासोन्मुख बैंकिंग और वित्तीय स्थिरता में संतुलन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।