GS Paper 3 · 20 अगस्त 2026
मंत्रिमंडल ने पूर्वी और दक्षिणी गलियारों में चार रेलवे बहु-लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की चार बहु-लाइन परियोजनाओं को लगभग 9,450 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है। खड़गपुर-भद्रक, भद्रक-हरिदासपुर, गुम्मिडीपुंडी-गुडूर और कटक-पारादीप खंडों में कुल लगभग 410 किमी नेटवर्क जोड़ा जाएगा। परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के आठ जिलों को प्रभावित करेंगी। आधिकारिक विज्ञप्ति इन्हें PM Gati Shakti की एकीकृत योजना से जोड़ती है तथा लगभग 6,448 गांवों और करीब 60 लाख आबादी के लिए बेहतर संपर्क एवं 76 MTPA अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता का अनुमान देती है। इसमें लगभग 13 करोड़ लीटर तेल की बचत और करीब 65 करोड़ किग्रा कार्बन-डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान भी है। ये परियोजना-स्तर के अनुमान हैं, प्राप्त परिणाम नहीं।
यूपीएससी के लिए महत्व
GS Paper 3 के लिए यह निर्णय परिवहन अवसंरचना, रसद दक्षता, क्षेत्रीय विकास और निम्न-कार्बन संक्रमण को जोड़ता है। उत्तर में मंजूरी और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अंतर करते हुए भूमि एवं पर्यावरण स्वीकृति, अंतिम-मील संपर्क, समयबद्ध निर्माण और सड़क से रेल की ओर माल ढुलाई के स्थानांतरण का विश्लेषण करना चाहिए। यह उदाहरण बताता है कि सार्वजनिक निवेश में आर्थिक लाभ, पारिस्थितिक सुरक्षा और मापनीय प्रगति सूचक एक साथ आवश्यक हैं।
इस खबर को कैसे पढ़ें
इस मंजूरी को क्षमता और समन्वय के हस्तक्षेप के रूप में देखना चाहिए, न कि रसद लागत घटने के प्रमाण के रूप में। बहु-लाइन विस्तार यात्री और माल गाड़ियों के बीच मार्ग संघर्ष घटा सकता है, समय-सारिणी विश्वसनीय बना सकता है और बंदरगाहों तथा औद्योगिक गलियारों के लिए अतिरिक्त स्थान दे सकता है। फिर भी नेटवर्क क्षमता तभी सार्वजनिक मूल्य बनती है जब टर्मिनल, साइडिंग, सड़क और बंदरगाह जुड़े हों, खरीद अनुशासित हो तथा निर्माण से लंबे अवरोध न बनें। PM Gati Shakti साझा योजना मंच देता है, पर वास्तविक परीक्षा यह है कि एजेंसियां साझा आंकड़ों से कार्यों का क्रम तय करें और परस्पर निर्भरता सुलझाएं। पर्यावरणीय पक्ष भी सावधानी मांगता है। रेल सामान्यतः सड़क माल ढुलाई से अधिक ऊर्जा-दक्ष है, लेकिन निर्माण वन, आर्द्रभूमि, बस्तियों और वन्यजीव मार्गों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आधार स्थिति, शमन योजना और पूर्णता के बाद परिवहन-माध्यम परिवर्तन का प्रमाण सार्वजनिक होना चाहिए। उत्तर को आर्थिक दक्षता, क्षेत्रीय समावेशन, क्रियान्वयन जोखिम और पारिस्थितिक जवाबदेही में व्यवस्थित कीजिए। निष्कर्ष में बताइए कि अवसंरचना की गुणवत्ता स्वीकृत दूरी या व्यय से नहीं, विश्वसनीय सेवा, कम समग्र लागत, सुरक्षित गतिशीलता और सत्यापन योग्य पर्यावरणीय प्रदर्शन से मापी जाती है।
पेपर का व्यापक संदर्भ
अवसंरचना, पर्यावरण और विज्ञान विषयों को क्रियान्वयन तथा प्रमाण से पढ़िए। क्षमता विस्तार को बहु-माध्यम संपर्क चाहिए; स्वच्छ माल नियमों को संक्रमण सहायता और प्रवर्तन; प्रयोगशाला चयनात्मकता को नैदानिक सत्यापन; माल प्रक्रिया सरलता को सुरक्षित अभिरक्षा चाहिए। अनुमान, पायलट या पूर्व-नैदानिक परिणाम को पूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि न मानें।
संभावित प्रश्न
भारत की रसद लागत घटाने के लिए रेल क्षमता विस्तार आवश्यक है, किंतु पर्याप्त नहीं। बहु-माध्यम योजना, परियोजना क्रियान्वयन और पर्यावरणीय सुरक्षा के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
स्वीकृत रेल परियोजनाओं की सबसे मजबूत शासन-कसौटी क्या है?
- समन्वित क्रियान्वयन के बाद सत्यापित सेवा और रसद परिणाम
- केवल पूंजीगत व्यय की घोषणा
- विज्ञप्ति में उल्लिखित एजेंसियों की संख्या
- आकलन के बिना स्वतः पर्यावरणीय लाभ
उत्तर देखें
सही उत्तर: समन्वित क्रियान्वयन के बाद सत्यापित सेवा और रसद परिणाम
मंजूरी क्षमता की संभावना बनाती है; सार्वजनिक मूल्य समन्वित क्रियान्वयन और सत्यापित परिवहन, लागत तथा पर्यावरणीय परिणामों पर निर्भर है।
Q2
PM Gati Shakti बहु-लाइन परियोजनाओं से क्यों संबंधित है?
- यह सभी पर्यावरण स्वीकृतियां बदल देता है
- यह जुड़े परिवहन साधनों की एकीकृत योजना में सहायता करता है
- यह सभी यात्री लाइनों को माल लाइन बनाता है
- यह खरीद जोखिम के बिना पूर्णता सुनिश्चित करता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: यह जुड़े परिवहन साधनों की एकीकृत योजना में सहायता करता है
यह बहु-माध्यम एकीकृत योजना के लिए उपयोगी है; वैधानिक स्वीकृति या क्रियान्वयन जोखिम समाप्त नहीं करता।
संबंधित विगत वर्ष प्रश्न
- समावेशी वृद्धि और क्षेत्रीय विकास के लिए दक्ष परिवहन अवसंरचना के महत्व पर चर्चा कीजिए।