PMFBY के पैमाने ने दावा-गुणवत्ता को कृषि लचीलेपन की अगली कसौटी बनायाअर्थव्यवस्था और ऊर्जा

GS Paper 3 · 30 अगस्त 2026

PMFBY के पैमाने ने दावा-गुणवत्ता को कृषि लचीलेपन की अगली कसौटी बनाया

नए PMFBY पृष्ठभूमि-पत्र के अनुसार खरीफ 2016 से रबी 2025-26 तक 92.46 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों का बीमा हुआ और 26.33 करोड़ से अधिक आवेदनों को ₹2.06 लाख करोड़ से अधिक के दावे मिले। केंद्रीय बजट में 2026-27 के लिए ₹12,200 करोड़ आवंटित हैं। किसान खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए अधिकतम 2%, रबी खाद्यान्न और तिलहन के लिए 1.5% तथा वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देते हैं; शेष राशि सरकारें वहन करती हैं। 27 अगस्त 2026 तक खरीफ कवरेज 241.38 लाख किसान और 278.12 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा। योजना रोकी गई बुवाई, खड़ी फसल, स्थानीय आपदा और सीमित कटाई-पश्चात अवधि के निर्दिष्ट जोखिमों को समेटती है। YES-TECH और WINDS जैसी प्रणालियां उपज तथा मौसम साक्ष्य सुधारने के लिए हैं। फिर भी पैमाना प्रदर्शन सिद्ध नहीं करता। किसानों को स्पष्ट सूचना, सही नामांकन, विश्वसनीय नुकसान आकलन, समय पर दावा, सुलभ शिकायत निवारण और पारदर्शी राज्यवार आंकड़े चाहिए। बीमा को सिंचाई, विस्तार सेवा और जलवायु-लचीली खेती का स्थान नहीं लेना चाहिए।

यूपीएससी के लिए महत्व

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में फसल बीमा को कृषि जोखिम, जलवायु अनुकूलन, राजकोषीय संघवाद, प्रौद्योगिकी-आधारित उपज आकलन और किसान आय स्थिरता से जोड़ें। नामांकन के साथ दावा निपटान की गुणवत्ता परखें।

इस खबर को कैसे पढ़ें

फसल बीमा कम आवृत्ति वाले गंभीर कृषि आघात को साझा वित्तीय जोखिम में बदलता है। उसका मूल्य आवेदन संख्या से कम और इस बात से अधिक तय होता है कि किसान कवरेज समझता है तथा अगली बुवाई से पहले उचित दावा पाता है। क्षेत्र-आधारित उपज बीमा सत्यापन लागत घटाता है, पर आधार जोखिम पैदा कर सकता है, जब व्यक्तिगत खेत को नुकसान हो और व्यापक इकाई भुगतान सीमा पार न करे। स्थानीय नुकसान प्रावधान, दूरसंवेदी तकनीक, मौसम केंद्र और डिजिटल फसल सर्वेक्षण साक्ष्य सुधार सकते हैं, फिर भी प्रौद्योगिकी लेखापरीक्षण योग्य और सुधार के लिए खुली हो। राज्य फसल अधिसूचना, सहायता भुगतान और क्रियान्वयन को प्रभावित करते हैं; विलंबित सार्वजनिक अंश किसान का प्रीमियम जमा होने पर भी निपटान रोक सकता है। स्पष्ट अंतिम तिथि, भूमि और काश्तकारी अभिलेख, बहुभाषी सूचना और सहायक नामांकन बटाईदार तथा गैर-ऋणी किसान के लिए जरूरी हैं। शिकायत तंत्र स्थिति, कारण और अपील समय बताए, न कि किसान को बैंक, बीमाकर्ता और विभाग के बीच भेजे। सार्वजनिक डैशबोर्ड जिलेवार निपटान समय और अस्वीकृति कारण दिखाए। बीमा सिंचाई, फसल विविधीकरण, विस्तार सेवा और आपदा तैयारी का पूरक है, विकल्प नहीं। अच्छा मूल्यांकन नुकसान के बाद वित्तीय सुधार, भरोसा और खेती की निरंतरता मापता है तथा धोखाधड़ी नियंत्रित रखता है।

पेपर का व्यापक संदर्भ

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में देखें कि प्रोत्साहन व्यवहार कैसे बदलते हैं। ऊर्जा मूल्य सहायता, अनुसंधान वित्त और फसल बीमा को जोखिम न्यायसंगत रूप से बांटना, स्पष्ट बाजार-विफलता सुधारना और गुणवत्ता, अपनाव तथा दावा-निपटान के आधार पर लेखापरीक्षण योग्य रहना चाहिए।

संभावित प्रश्न

फसल बीमा का बड़ा नामांकन तभी सार्थक है जब दावे सही, समयबद्ध और सुलभ हों। जलवायु जोखिम शासन के साधन के रूप में PMFBY का मूल्यांकन कीजिए।

त्वरित अभ्यास

  1. Q1

    क्षेत्र-आधारित फसल बीमा में आधार जोखिम क्या है?

    1. हर किसान को समान प्रीमियम वापसी
    2. व्यक्तिगत नुकसान के बावजूद व्यापक इकाई सीमा न पार करे तो भुगतान न होना
    3. मौसम डेटा का कभी उपयोग न होना
    4. केवल कटाई-पश्चात नुकसान का बीमा
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: व्यक्तिगत नुकसान के बावजूद व्यापक इकाई सीमा न पार करे तो भुगतान न होना

    क्षेत्र का आकलन किसी व्यक्तिगत खेत के वास्तविक नुकसान से अलग हो सकता है और भुगतान शुरू नहीं होता।

  2. Q2

    PMFBY नामांकन संख्या के साथ कौन-सा संकेतक सबसे उपयोगी है?

    1. प्रचार पोस्टर की संख्या
    2. दिशानिर्देश की लंबाई
    3. जिलों के नाम
    4. दावा-निपटान समय और पारदर्शी अस्वीकृति कारण
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: दावा-निपटान समय और पारदर्शी अस्वीकृति कारण

    समयबद्ध और कारणयुक्त निर्णय बताते हैं कि बीमा केवल नाममात्र कवरेज नहीं, उपयोगी सुधार देता है।

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