अर्थव्यवस्था और ऊर्जाGS Paper 3 · 2 सितम्बर 2026
PM-DDKY पटल ने जिला कृषि निगरानी को व्यय-गणना से परिणाम-जवाबदेही की ओर बढ़ाया
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की समीक्षा में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के उन 100 जिलों की प्रगति देखी गई जिन्हें कम कृषि उत्पादकता, कम फसल सघनता और कम कृषि ऋण वितरण के आधार पर चुना गया है। योजना 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं को राज्य कार्यक्रमों तथा निजी भागीदारी के साथ जोड़ती है। निगरानी ढांचे में 121 संकेतक हैं, जिनमें 74 उत्पादन संकेतक और 47 परिणाम संकेतक शामिल हैं। छह उद्देश्यों पर जिलों का औसत अंक अप्रैल 2026 के 22.54 से बढ़कर जुलाई 2026 में 38.85 हुआ। सभी 100 जिलों ने जिला कार्ययोजना अपलोड की और निर्धारित निगरानी आंकड़े दिए। वित्तीय प्रगति मॉड्यूल 31 अगस्त 2026 को चालू हुआ तथा लाभार्थी प्रगति मॉड्यूल सितंबर के मध्य तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया। जनवरी से जुलाई के बीच 6,90,530 किसानों और 88,961 प्रसार कर्मियों को कौशल प्रशिक्षण मिला; 2,20,683 किसानों और प्रसार कर्मियों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। शासन की असली कसौटी यह होगी कि समन्वय और पटल के अंक केवल गतिविधि न गिनें, बल्कि उत्पादकता, लचीलापन, ऋण पहुंच और किसान कल्याण में सत्यापित सुधार दिखाएं।
यूपीएससी के लिए महत्व
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में PM-DDKY को कृषि उत्पादकता, फसल विविधीकरण, सिंचाई, कटाई-पश्चात अवसंरचना, संस्थागत ऋण, कृषि प्रसार, योजना समन्वय और परिणाम-आधारित सार्वजनिक व्यय से जोड़ें।
इस खबर को कैसे पढ़ें
परिणाम-आधारित कृषि शासन में निवेश, उत्पादन और कल्याण प्रभाव को अलग करना आवश्यक है। धन, बैठक और प्रशिक्षण निवेश या गतिविधि हैं। बनी हुई सिंचाई, उपयोग योग्य भंडारण और समय पर मिला ऋण उत्पादन हैं। स्थिर उपज, कम जोखिम, बेहतर कृषि आय और टिकाऊ संसाधन उपयोग परिणाम हैं। साझा पटल बिखरी योजनाओं का समन्वय कर सकता है, किंतु औसत आंकड़ा कमजोर जिले या वंचित कृषक छिपा सकता है। संकेतक की स्पष्ट परिभाषा, तुलनीय आधार, समय पर सत्यापन और जोत आकार, लिंग, पट्टेदारी तथा कृषि-जलवायु के अनुसार पृथक आंकड़े चाहिए। जिला क्रम प्रशासन को प्रेरित कर सकता है, पर आसानी से गिनी जाने वाली गतिविधि या चुनिंदा रिपोर्टिंग का प्रोत्साहन भी दे सकता है। स्वतंत्र क्षेत्र जांच, किसान प्रतिक्रिया और सार्वजनिक पद्धति इस जोखिम को घटाती है। समन्वय के लिए प्रमुख संस्था और दोहराव सुलझाने की विधि चाहिए; अनेक योजनाएं अपने आप नहीं जुड़तीं। प्रसार कर्मियों को स्थानीय ज्ञान और अनुवर्ती कार्य का समय चाहिए, जबकि ऋण तथा अवसंरचना सही कृषि मौसम में पहुंचनी चाहिए। श्रेष्ठ पटल सबसे अधिक संकेतक वाला नहीं, बल्कि कारण संबंध समझाने, अनिश्चितता बताने, वितरण दिखाने और प्रशासनिक आंकड़े तथा क्षेत्र अनुभव में अंतर होने पर सुधार संभव करने वाला है।
पेपर का व्यापक संदर्भ
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में स्वीकृति या डिजिटल परिणाम को परिचालन क्षमता से अलग करें और साक्ष्य गुणवत्ता, अंतर-संचालनीयता, जीवन-चक्र क्षमता, समावेशन, पारिस्थितिक सीमा तथा मापनीय परिणामों की जांच करें।
संभावित प्रश्न
साझा पटल जब योजना गतिविधि के बजाय लाभार्थी परिणाम मापते हैं, तभी समन्वय सार्वजनिक मूल्य बनता है। PM-DDKY के संदर्भ में परीक्षण कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
योजना समन्वय से कृषि सुधार की सर्वोत्तम कसौटी क्या है?
- लाभार्थी परिणाम में सत्यापित परिवर्तन
- नामित विभागों की संख्या
- और बड़ा पटल
- क्षेत्र प्रमाण के बिना अधिक बैठक
उत्तर देखें
सही उत्तर: लाभार्थी परिणाम में सत्यापित परिवर्तन
परिणाम प्रमाण बताता है कि समन्वित गतिविधि ने किसान की स्थिति बदली या केवल प्रशासन बढ़ाया।
Q2
जिला क्रम क्रियान्वयन को क्यों विकृत कर सकता है?
- यह हर तुलना रोकता है
- यह आसानी से गिनी गतिविधि और चुनिंदा रिपोर्टिंग को पुरस्कृत कर सकता है
- यह सभी संकेतक हटाता है
- यह कृषि आय स्वतः सत्यापित करता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: यह आसानी से गिनी गतिविधि और चुनिंदा रिपोर्टिंग को पुरस्कृत कर सकता है
परिभाषा और स्वतंत्र जांच जरूरी हैं, ताकि प्रशासन परिणाम के बजाय अंक सुधारने न लगे।
संबंधित विगत वर्ष प्रश्न
- UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3: प्रमुख फसलें, सिंचाई, कृषि ऋण, भंडारण, विपणन और कृषि सहायता से संबंधित विषय