GS Paper 3 · 8 सितम्बर 2026
रक्षा अधिग्रहण स्वीकृतियों को अंतिम अनुबंध नहीं, क्षमता-योजना के रूप में समझना चाहिए
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 7 सितंबर 2026 को लगभग ₹1,10,000 करोड़ के प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दी। यह सैद्धांतिक प्रशासनिक अनुमति है जो अधिग्रहण प्रक्रिया आरंभ करती है; यह हस्ताक्षरित अनुबंध या पूरी अनुमानित राशि का तत्काल व्यय नहीं है। प्रस्ताव कई सेनाओं से जुड़े हैं। थल सेना में रासायनिक, जैविक, विकिरण और नाभिकीय टोही वाहन, भारी गतिशीलता वाहन, सुरंग बिछाने की प्रणाली, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, सुरंग-रोधी टैंक और सर्वत्र सेतु प्रणाली शामिल हैं। नौसेना के प्रस्तावों में अरुध्र रडार तथा आयात निर्भरता घटाने के उद्देश्य से समुद्री गैस टरबाइन का अभिकल्प, विकास और खरीद शामिल है। वायु सेना में क्षमता उन्नयन, अवरोधक और रक्षा उपकरण क्षेत्रीय आपूर्ति तथा लेखा संगणकीकरण प्रणाली के लिए रेडियो-आवृत्ति पहचान शामिल है। विज्ञप्ति के अनुसार प्रस्तावित खरीद मूल्य का लगभग 98% भारतीय उद्योग से लिया जाएगा। कसौटी यह है कि स्वीकृति पारदर्शी प्रतिस्पर्धा, परीक्षण और जीवनचक्र सहायता के साथ समय पर टिकाऊ सैन्य क्षमता बने।
यूपीएससी के लिए महत्व
सामान्य अध्ययन पेपर 3 के लिए निर्णय रक्षा आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण, रणनीतिक स्वायत्तता और खरीद शासन को जोड़ता है। उत्तर में स्वीकृति, निविदा, परीक्षण, अनुबंध, आपूर्ति और परिचालन तैयारी के चरण अलग करें। घरेलू खरीद तभी मूल्यवान है जब वह केवल आयातित पुर्जों का संयोजन न होकर अभिकल्प ज्ञान, सुरक्षित आपूर्ति-श्रृंखला, रखरखाव क्षमता और निर्यात प्रतिस्पर्धा बनाए।
इस खबर को कैसे पढ़ें
खरीद का शीर्षक तैयारी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा सकता है, क्योंकि प्रत्येक स्वीकृति लंबी क्षमता-श्रृंखला के आरंभ में होती है। सेनाएं पहले परिचालन समस्या और अपेक्षित प्रदर्शन तय करती हैं। अधिग्रहण प्राधिकरण श्रेणी चुनते, प्रस्ताव बुलाते, प्रौद्योगिकी जांचते, परीक्षण करते, लागत पर वार्ता करते और अनुबंध करते हैं। इसके बाद उत्पादन, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षण, अवसंरचना, कलपुर्जे और रखरखाव आते हैं; तभी उपकरण कमांडर के लिए भरोसेमंद बनता है। किसी भी कड़ी में विलंब या कमजोर समन्वय से अप्रचलन, लागत वृद्धि या कम उपयोग-योग्यता हो सकती है। इसलिए स्वदेशीकरण को केवल अंतिम संयोजन स्थल से नहीं, अभिकल्प, महत्त्वपूर्ण सामग्री, सॉफ्टवेयर, मरम्मत आंकड़े और भावी उन्नयन पर नियंत्रण से मापें। अनुमानित आदेश उद्योग निवेश को सहारा देते हैं, किंतु प्रतिस्पर्धा और चरण-आधारित निगरानी सार्वजनिक मूल्य बचाते हैं। साझा मंच रसद सरल कर सकते हैं, जबकि अत्यधिक विशिष्टता बेड़े को खंडित कर सकती है। उपयोगकर्ता परीक्षण में शामिल हों और परिचालन अनुभव अभिकल्पक तक लौटाएं। लेखा-परीक्षण जवाबदेही रखे, पर हर तकनीकी सुधार को दोष न माने। मुख्य परीक्षा के उत्तर में प्रशासनिक स्वीकृति, वित्तीय प्रतिबद्धता और परिचालन क्षमता अलग करें। फिर यथार्थ आवश्यकता, पारदर्शी खरीद, घरेलू अभिकल्प, परीक्षण, जीवनचक्र लागत, कुशल रखरखाव और प्रतिपुष्टि पर सुधार रखें। लक्ष्य तेज खर्च नहीं, संकट में भी उपलब्ध और समर्थित क्षमता है।
पेपर का व्यापक संदर्भ
प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा और पर्यावरण को राज्य क्षमता से जोड़ें। घोषित साधन को अपनाने, परिचालन तैयारी, लचीलापन और मापने योग्य सार्वजनिक मूल्य से अलग करें।
संभावित प्रश्न
आवश्यकता की स्वीकृति रक्षा अधिग्रहण का केवल पहला द्वार है। भारत खरीद अनुमोदनों को समयबद्ध, स्वदेशी और रखरखाव योग्य सैन्य क्षमता में कैसे बदल सकता है? समझाइए।
त्वरित अभ्यास
Q1
रक्षा खरीद में आवश्यकता की स्वीकृति का क्या अर्थ है?
- परिचालन तैनाती पूर्ण होना
- अधिग्रहण प्रक्रिया आरंभ करने की सैद्धांतिक अनुमति
- पूरी अनुमानित राशि का भुगतान
- उपयोगकर्ता परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होना
उत्तर देखें
सही उत्तर: अधिग्रहण प्रक्रिया आरंभ करने की सैद्धांतिक अनुमति
आवश्यकता की स्वीकृति अधिग्रहण का मार्ग खोलती है; अनुबंध, परीक्षण, उत्पादन और तैयारी बाद के चरण हैं।
Q2
कौन-सा माप गहरे रक्षा स्वदेशीकरण को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
- केवल अंतिम संयोजन देश में हो
- आयात को आपूर्ति के बाद नया नाम मिले
- घरेलू पक्ष अभिकल्प, महत्त्वपूर्ण सहायता और भावी उन्नयन नियंत्रित करें
- जीवनचक्र रखरखाव को खरीद से बाहर रखा जाए
उत्तर देखें
सही उत्तर: घरेलू पक्ष अभिकल्प, महत्त्वपूर्ण सहायता और भावी उन्नयन नियंत्रित करें
रणनीतिक स्वायत्तता केवल संयोजन नहीं, बल्कि अभिकल्प ज्ञान, आपूर्ति लचीलापन, रखरखाव और उन्नयन नियंत्रण पर निर्भर है।
संबंधित अभ्यास प्रश्न
- रक्षा स्वदेशीकरण और रणनीतिक स्वायत्तता के संबंध की चर्चा कीजिए।
- रक्षा खरीद का मूल्यांकन पूरे क्षमता जीवनचक्र पर क्यों होना चाहिए?