GS Paper 3 · 8 सितम्बर 2026
कृषि विज्ञान केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कृषि प्रसार को केंद्र-राज्य सेवा-कसौटी बनाता है
7 सितंबर 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्य सरकारों के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों को मजबूत करने के उपायों की समीक्षा की। योजना में मार्च 2027 तक 300 प्राथमिकता वाले केंद्रों का उन्नयन और दिसंबर 2028 तक सभी केंद्रों में उद्भवन-सह-कौशल केंद्र बनाना शामिल है। समीक्षा में 2026-27 के दौरान दलहन और तिलहन के समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शनों पर भी चर्चा हुई। 24 राज्यों के 353 केंद्र जिलों में लक्ष्य 12,349 हेक्टेयर था और सूचित कवरेज 9,750 हेक्टेयर तक पहुंचा। इन आंकड़ों का महत्व तभी है जब प्रदर्शन स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल खेती अपनाने में बदलें। कृषि विज्ञान केंद्र विज्ञान और किसान के बीच अंतिम छोर की संस्था हैं, किंतु उनकी प्रभावशीलता कर्मचारी, प्रयोगशाला, क्षेत्रीय आवागमन, राज्य समन्वय, समय पर धन और खेत से शोध संस्थान तक प्रतिपुष्टि पर निर्भर है। साझा पोर्टल निगरानी सुधार सकता है, पर क्षेत्रीय निदान का स्थान नहीं ले सकता। उद्भवन सुविधा तकनीकी सलाह को प्रसंस्करण, उद्यम और बाजार तैयारी से जोड़ सकती है, बशर्ते छोटे किसान, महिला किसान और पट्टेदार बाहर न रहें।
यूपीएससी के लिए महत्व
सामान्य अध्ययन पेपर 3 के लिए कृषि विज्ञान केंद्र कृषि प्रसार, प्रौद्योगिकी प्रसार, फसल विविधीकरण और कार्यान्वयन में सहकारी संघवाद का उदाहरण हैं। प्रदर्शन से अपनाने, उत्पादकता, जोखिम में कमी और आय तक की श्रृंखला का विश्लेषण करें। उपाय स्थानीय कृषि-जलवायु के अनुरूप हों और मूल्यांकन केवल गतिविधि या क्षेत्र नहीं, किसान व्यवहार, समावेशन तथा लचीलापन भी मापे।
इस खबर को कैसे पढ़ें
कृषि प्रसार प्रयोगशाला की सलाह को एक दिशा में भेजने की व्यवस्था नहीं, बल्कि दोतरफा सीखने की प्रणाली है। कृषि विज्ञान केंद्र शोध को स्थानीय मिट्टी, जल, फसल और जोखिम के अनुकूल व्यवहार में बदलता है। खेत प्रदर्शन से किसान प्रत्यक्ष परिस्थितियों में परिणाम की तुलना कर सकते हैं। फिर भी अपनाने के लिए भरोसेमंद बीज और अन्य निवेश, ऋण, मरम्मत सेवा, बाजार मांग और बदलते मौसम या कीट के समय अनुवर्ती सहायता चाहिए। इसलिए केवल भवन और उपकरण सफलता नहीं बताते। रिक्त तकनीकी पद, कमजोर क्षेत्रीय आवागमन और विलंबित धन किसी सुसज्जित केंद्र को गांव से काट सकते हैं। राज्य विभाग विस्तार देते हैं और शोध संस्थान प्रमाण देते हैं; दोनों के प्रोत्साहन तथा आंकड़ा-प्रणाली का मेल आवश्यक है। उद्भवन से किसान और ग्रामीण युवा उत्पादन से छंटाई, प्रसंस्करण और उद्यम की ओर बढ़ सकते हैं, पर चयन नियम प्रभावशाली आवेदकों के कब्जे को रोकें। महिला किसान और पट्टेदार उत्पादन निर्णय लेते हुए भी भूमि अभिलेख से वंचित हो सकते हैं, इसलिए पात्रता और समय समावेशी हों। निगरानी को मौसमों के बीच अपनाने, लागत, उपज स्थिरता, जल उपयोग, आय विविधता और किसान संतोष देखना चाहिए। असफल सलाह भी दर्ज हो ताकि शोध बदले। मुख्य परीक्षा के उत्तर में केंद्रों को ज्ञान और व्यवहार जोड़ने वाली सीमा-संस्था बताएं, सेवा बाधाएं पहचानें और उत्तरदायी कर्मचारी, किसान प्रतिपुष्टि तथा परिणाम-आधारित मूल्यांकन सुझाएं।
पेपर का व्यापक संदर्भ
प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा और पर्यावरण को राज्य क्षमता से जोड़ें। घोषित साधन को अपनाने, परिचालन तैयारी, लचीलापन और मापने योग्य सार्वजनिक मूल्य से अलग करें।
संभावित प्रश्न
कृषि प्रसार तब सफल होता है जब वैज्ञानिक ज्ञान को स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से अनुकूलित, प्रदर्शित और समर्थित किया जाए। कृषि विज्ञान केंद्रों को सुदृढ़ करने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कीजिए।
त्वरित अभ्यास
Q1
किस संकेत से सबसे अच्छी तरह पता चलता है कि खेत प्रदर्शन ने कृषि प्रसार प्रभाव पैदा किया?
- कार्यक्रम का चित्र लिया गया
- पोर्टल ने उपस्थिति दर्ज की
- किसानों ने उपयुक्त व्यवहार अपनाया और निरंतर सहायता से उपयोगी परिणाम पाए
- हर कृषि-जलवायु क्षेत्र में समान पैकेज बताया गया
उत्तर देखें
सही उत्तर: किसानों ने उपयुक्त व्यवहार अपनाया और निरंतर सहायता से उपयोगी परिणाम पाए
प्रसार प्रभाव तब दिखता है जब स्थानीय रूप से उपयुक्त ज्ञान प्रदर्शन खेत से आगे अपनाया और समर्थित किया जाए।
Q2
कृषि विज्ञान केंद्र की निगरानी में असफल सलाह भी क्यों दर्ज होनी चाहिए?
- सलाह न अपनाने वाले किसान को दंड देने के लिए
- सभी क्षेत्रीय दौरों को आंकड़ा-पट्ट से बदलने के लिए
- स्थानीय प्रयोग समाप्त करने के लिए
- खेत का प्रमाण शोध तक लौटाकर भविष्य की सलाह सुधारने के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: खेत का प्रमाण शोध तक लौटाकर भविष्य की सलाह सुधारने के लिए
दोतरफा प्रसार प्रणाली असफलता से सीखकर शोध और सलाह को क्षेत्रीय परिस्थिति के अनुकूल बनाती है।
संबंधित अभ्यास प्रश्न
- कृषि उत्पादकता और लचीलापन बढ़ाने में कृषि प्रसार की भूमिका समझाइए।
- कृषि प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रदर्शन और किसान प्रतिपुष्टि क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?