सुरक्षा, पर्यावरण और कृषि को मापनीय सहनशीलता से समझें। खुफिया समेकन में विधिकता और मानवीय समीक्षा, पुनर्स्थापन वित्त में वास्तविक पारिस्थितिक अतिरिक्तता, तथा बीज नवाचार में पारदर्शी परीक्षण और न्यायपूर्ण किसान अनुबंध चाहिए। क्षमता का अर्थ तनाव में भी अधिकार और सार्वजनिक संसाधन बचाते हुए बार-बार प्रदर्शन करना है।
9वां 2 दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में मिश्रित माध्यम से आरंभ हुआ, जिसमें 850 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। पहले दिन आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, बहु-एजेंसी केंद्र के माध्यम से खुफिया समेकन, मादक पदार्थ नियंत्रण, अवैध प्रवासन, साइबर अपराध और छद्म युद्ध पर चर्चा हुई। गृह मंत्री ने प्रहार योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण, उपलब्ध अनुपस्थिति-विचारण प्रावधानों सहित तेज सुनवाई, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम मामलों की समेकित जांच और मानक परिचालन प्रक्रिया बनाने हेतु बहु-एजेंसी केंद्र की सूचना के कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्लेषण पर बल दिया। अगले दिन निम्न-आकाशीय प्रणालियों के खतरे, नीली अर्थव्यवस्था की सुरक्षा, सूचना युद्ध और जैव-सुरक्षा ढांचे पर विचार निर्धारित था। वरिष्ठ नेतृत्व, क्षेत्रीय अनुभव और विशेषज्ञता जोड़ने के लिए सम्मेलन 2021 से प्रतिवर्ष मिश्रित माध्यम से आयोजित होता है।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में विधिकता, संघीय जवाबदेही और प्रमाण मानक बनाए रखते हुए समग्र-सरकार सुरक्षा दृष्टिकोण का परीक्षण करें। खुफिया समेकन तभी उपयोगी है जब सूचना की गुणवत्ता, मानवीय समीक्षा और परिचालन उत्तरदायित्व स्पष्ट हों।
संभावित प्रश्न: प्रौद्योगिकी-सक्षम खुफिया समेकन राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय सुधार सकता है, पर इसके लिए मजबूत विधिक और संस्थागत सुरक्षा उपाय भी चाहिए। विश्लेषण कीजिए।
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उलानबटार में UNCCD COP17 के 24 अगस्त 2026 के वित्त दिवस का केंद्र स्वस्थ भूमि और सूखा-सहनशीलता के लिए नवाचारी वित्त था। UNCCD के आकलन में 2025 से 2030 के बीच प्रतिवर्ष लगभग USD 355 अरब की आवश्यकता और मौजूदा निवेश लगभग USD 77 अरब बताया गया है, जिससे वार्षिक अंतर लगभग USD 278 अरब है। निष्क्रियता की वार्षिक लागत USD 878 अरब और आवश्यक निवेश से संभावित वार्षिक लाभ USD 1.8 ट्रिलियन आंका गया है। मंत्रिस्तरीय संवाद में रियायती संसाधन, गारंटी, बीमा, पर्यावरण कर, भूमि-क्षरण शुल्क और स्थिरता-संबद्ध वित्तीय साधन शामिल थे। उद्देश्य पुनर्स्थापन को सीमित पर्यावरणीय खर्च के स्थान पर अर्थव्यवस्था, भोजन, जल और सामाजिक सहनशीलता की योजना में लाना है, साथ ही यह स्वीकार करना कि अकेला सार्वजनिक वित्त अंतर पूरा नहीं कर सकता।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में भूमि क्षरण को कृषि, जल सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और जलवायु अनुकूलन से जोड़ें। मिश्रित वित्त का मूल्यांकन अतिरिक्तता, सामुदायिक सुरक्षा, मापनीय पारिस्थितिक परिणाम और हरित दिखावे से रक्षा के आधार पर करें।
संभावित प्रश्न: भूमि पुनर्स्थापन को निवेश योग्य संपदा मानना पूंजी जुटा सकता है, पर पुनर्स्थापन की परिभाषा सार्वजनिक जवाबदेही से तय होनी चाहिए। परीक्षण कीजिए।
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उपराष्ट्रपति ने 24 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के मुसुनुरु में भारत का पहला गैर-GMO अधिक-विस्तार वाला पॉपकॉर्न मक्का संकर बीज बताए गए उत्पाद का शुभारंभ किया। घोषणा में इसे उत्कृष्ट पॉपकॉर्न मक्का के लिए आयातित संकर बीज तकनीक पर निर्भरता घटाने और घरेलू प्रसंस्करण तथा निर्यात का आधार बनाने वाला कदम कहा गया। संबंधित मूल्य-शृंखला में 8 राज्यों के 17,500 से अधिक किसान लगभग 40,000 एकड़ में खेती करते बताए गए। शुभारंभ निजी प्रसंस्करण इकाई में हुआ और किसानों को सम्मानित किया गया। इसलिए विकास का मूल्यांकन केवल बीज घोषणा से नहीं, बल्कि विभिन्न कृषि परिस्थितियों में प्रदर्शन, सस्ती पहुंच, बीज गुणवत्ता, किसान की सौदेबाजी क्षमता, प्रसंस्करण मांग और आय स्थिरता से होना चाहिए।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में कृषि अनुसंधान को बीज व्यवस्था, खाद्य प्रसंस्करण, अनुबंध संरचना और मूल्य-शृंखला शासन से जोड़ें। स्वदेशी नवाचार तभी सार्थक है जब पारदर्शी परीक्षण और प्रतिस्पर्धी बाजार उसे टिकाऊ किसान कल्याण में बदलें।
संभावित प्रश्न: कृषि आत्मनिर्भरता स्वदेशी बीज तकनीक जितनी ही न्यायपूर्ण मूल्य-शृंखला संस्थाओं पर निर्भर है। चर्चा कीजिए।
संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3: प्रमुख फसलें, कृषि उपज का भंडारण, परिवहन, विपणन और संबंधित बाधाएं
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