GS-2 की कहानियों को पहुंच और समन्वय से पढ़ें। भौगोलिक निकटता न्याय की बाधा घटा सकती है, किंतु न्यायालय क्षमता भी चाहिए। खुली सीमा को वैध आवागमन सुरक्षित रखते हुए सहयोगी सुरक्षा चाहिए। महिला समूहों को सामाजिक संगठन के बाद वित्त, बाजार और निर्णय-क्षमता चाहिए। घोषणा और नागरिक परिणाम को हर जगह अलग रखें।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने को मंजूरी दी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अंतर्गत लद्दाख और जम्मू-कश्मीर का एक साझा उच्च न्यायालय है; इसलिए यह निर्णय अलग उच्च न्यायालय नहीं, बल्कि उसी साझा न्यायालय की स्थानीय पीठ बनाता है। सरकार ने इसे कठिन भूभाग और लंबी यात्रा से जूझते नागरिकों के लिए न्याय तक अधिक सरल और शीघ्र पहुंच से जोड़ा है। वास्तविक क्रियान्वयन के लिए अधिकारिता की अधिसूचना, न्यायिक और प्रशासनिक कार्मिक, न्यायालय अवसंरचना, डिजिटल सुविधा तथा प्रधान पीठों के साथ समन्वय आवश्यक होगा।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: GS Paper 2 में यह निर्णय न्यायिक प्रशासन, न्याय तक पहुंच और केंद्रशासित प्रदेशों के शासन से जुड़ता है। उत्तर में उच्च न्यायालय की संवैधानिक संस्था और उसकी पीठ के स्थान को अलग करके समझाएं। फिर भौतिक निकटता, ई-दाखिला, विधिक सहायता, भाषायी सुविधा और पर्याप्त वाद-प्रबंधन से दूरस्थ नागरिकों की वास्तविक बाधाएं घटने का मूल्यांकन करें।
संभावित प्रश्न: भौगोलिक निकटता के साथ संस्थागत क्षमता होने पर ही नई न्यायालय पीठ न्याय तक पहुंच सुधार सकती है। लद्दाख के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
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भारत और नेपाल ने 21 अगस्त को देहरादून में सीमा प्रबंधन पर 2 दिन की 14वीं संयुक्त कार्य समूह बैठक पूरी की। प्रतिनिधिमंडलों ने सीमा-पार अपराध, सीमा अवसंरचना, सड़क और रेल संपर्क, अतिक्रमण, सीमा स्तंभ, संस्थागत समन्वय तथा क्षमता निर्माण की समीक्षा की। भारतीय पक्ष का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव और नेपाली पक्ष का नेतृत्व वहां के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने किया। बैठक ने खुली और सामाजिक रूप से जुड़ी सीमा पर सहयोग की पुनः पुष्टि की, जहां सुरक्षा कार्रवाई को वैध आवागमन, व्यापार और निकट सामुदायिक संबंधों के साथ संतुलित करना होता है।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: GS Paper 2 में यह निरंतर प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से लागू पड़ोसी कूटनीति का उदाहरण है। उत्तर में आसूचना साझाकरण, समन्वित गश्त, वैध आवागमन, सक्षम सीमा अवसंरचना और सीमा चिह्नों के समयबद्ध रखरखाव का परीक्षण करें। साथ ही स्पष्ट करें कि खुली सीमा के प्रबंधन में विश्वास और स्थानीय आजीविका केंद्रीय तत्व हैं।
संभावित प्रश्न: भारत और नेपाल अपनी खुली सीमा से जुड़े वैध आवागमन और सामाजिक संबंधों को कमजोर किए बिना सीमा सुरक्षा कैसे सुदृढ़ कर सकते हैं?
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ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 21 नवंबर तक चलने वाला 3 महीने का उद्यमिता अभियान-द्वितीय आरंभ किया। कार्यक्रम में 50,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण, 5 लाख स्वयं सहायता समूह महिलाओं का प्रशिक्षण, 50,000 उद्यमों के औपचारिकीकरण में सहायता और 25,000 सदस्यों को ई-वाणिज्य से जोड़ने का लक्ष्य है। सदस्य परिवारों की 5 लाख किशोरियों का डेटाबेस, उत्पादक समूहों का विस्तार और 20 लाख महिलाओं तक कृषि-पारिस्थितिक पद्धतियां पहुंचाना भी प्रस्तावित है। ये अभियान लक्ष्य हैं; स्थायी लाभ के लिए वित्त, बाजार, कौशल, देखभाल सहायता और उद्यम की निरंतरता आवश्यक है।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: GS Paper 2 में अभियान को महिला-नेतृत्व वाले विकास, स्वयं सहायता समूहों और अंतिम-मील आजीविका संस्थाओं से जोड़ें। मूल्यांकन केवल प्रशिक्षण संख्या पर नहीं, बल्कि ऋण की गुणवत्ता, औपचारिक पंजीकरण, पुनरावर्ती बिक्री, स्थिर आय, डिजिटल क्षमता और कमाई पर महिला के नियंत्रण पर होना चाहिए। ऋण-दबाव और बहिष्करण से सुरक्षा भी आवश्यक है।
संभावित प्रश्न: स्वयं सहायता समूह तभी महिला-नेतृत्व वाले विकास के इंजन बनते हैं, जब सामाजिक संगठन को व्यवहार्य उद्यम और बाजार से जोड़ा जाए। परीक्षण कीजिए।
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