सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में योजना के उद्देश्य से अधिक क्रियान्वयन तंत्र की तुलना करें। जिला स्वास्थ्य क्षमता, डिजिटल भूमि अभिलेख और पथ विक्रेता सहायता—तीनों में स्पष्ट जिम्मेदारी, शासन के विभिन्न स्तरों का समन्वय और छूटे पात्र व्यक्ति के लिए प्रभावी उपचार चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित स्वास्थ्य पहलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर अंतराल आकलन के बाद 613 जिला अस्पतालों को आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल विस्तार के चरणों में रखा गया है। पहले चरण में मार्च 2027 तक 160 अस्पतालों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य है; बाद के चरणों में 203 और 250 अस्पताल शामिल हैं। व्यापक कार्यक्रम का उद्देश्य पांच वर्षों में 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर जोड़ना और 1.5 लाख बहु-कौशल देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षित करना भी है। तैयारी में औषधि विनियमन क्षमता, नैदानिक अनुसंधान नेटवर्क, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। नीति का मुख्य बिंदु यह है कि बजट घोषणा तभी स्वास्थ्य परिणाम बनती है जब भवन, मानव संसाधन, रेफरल व्यवस्था, अस्पताल-पूर्व समन्वय, मानक और निगरानी साथ आगे बढ़ें। केवल उन्नत भवनों की संख्या गिनना कार्यात्मक तैयारी, कर्मियों की उपलब्धता और समान पहुंच को नहीं दर्शाता।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता को बजट क्रियान्वयन, भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों, केंद्र-राज्य समन्वय, स्वास्थ्य कार्यबल नियोजन और मापनीय सेवा वितरण से जोड़ें। पूंजीगत निर्माण और वास्तविक कार्यात्मक तैयारी में अंतर स्पष्ट करें।
संभावित प्रश्न: बजटीय उद्देश्य तभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारता है जब अवसंरचना, मानव संसाधन, मानक और रेफरल व्यवस्था कार्यात्मक जिला-स्तरीय क्षमता में बदलें। परीक्षण कीजिए।
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मूल स्रोत
अफ्रीकी संघ आयोग, अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों और UNDP से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने भूमि शासन के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल पर भारत के भूमि संसाधन विभाग से संवाद किया। तकनीकी चर्चा में डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, भू-आधार अथवा ULPIN, राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली, भारत लैंड स्टैक और NAKSHA शहरी मानचित्रण पायलट शामिल थे। कंप्यूटरीकृत अभिलेख, डिजिटीकृत भू-नक्शे और परस्पर-संचालनीय पहचानकर्ता पारदर्शी तथा सुलभ भूमि प्रशासन के साधन हैं। परंतु तकनीक स्वयं स्वामित्व विवाद नहीं सुलझाती, पुरानी त्रुटियां नहीं सुधारती और कमजोर कब्जाधारकों की रक्षा सुनिश्चित नहीं करती। साझा मानक, सत्यापन योग्य अद्यतन और सेवाओं का एकीकरण उपयोगी हैं, किंतु प्रत्येक व्यवस्था को विधिसम्मत निर्णय, निजता सुरक्षा, स्थानीय भाषा में पहुंच और स्पष्ट सुधार प्रक्रिया बनाए रखनी होगी। यह यात्रा दक्षिण-दक्षिण सहयोग का उदाहरण है, जिसमें घरेलू डिजिटल प्रणाली को तैयार निर्यात मॉडल नहीं बल्कि संस्थागत सीख के विषय के रूप में देखा जाता है।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में भूमि प्रशासन को डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सहकारी संघवाद, उचित प्रक्रिया, डेटा संरक्षण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग से जोड़ें। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में स्वच्छ अभिलेखों का ऋण, निवेश और शहरी नियोजन से संबंध देखें।
संभावित प्रश्न: डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना भूमि प्रशासन को तभी सुधार सकती है जब परस्पर-संचालनीयता के साथ उचित प्रक्रिया, सुधार का अधिकार और स्थानीय संस्थागत क्षमता उपलब्ध हो। भारत-अफ्रीका सहयोग के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
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मूल स्रोत
ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाए जाने के बाद PM SVANidhi के पुनर्गठित चरण का एक वर्ष पूरा हुआ। संशोधित योजना का लक्ष्य 1.15 करोड़ पथ विक्रेताओं को लाभ देना है, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं। पुनर्गठन के पहले वर्ष में 10.56 लाख नए लाभार्थियों को ₹6,294 करोड़ के 21.86 लाख ऋण वितरित किए गए। ₹30,000 तक सीमा वाला UPI-संबद्ध RuPay क्रेडिट कार्ड, आरंभ से अंत तक डिजिटल ऋण मंच और शहरी स्थानीय निकायों तथा जनगणना नगरों के बीच अनुशंसा पत्र स्थानांतरित करने वाला प्रवासन मॉड्यूल औपचारिक ऋण को अधिक उपयोगी और पोर्टेबल बनाने के प्रयास हैं। कार्यक्रम वित्त को कल्याण प्रोफाइलिंग, खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण, विक्रय अवसंरचना और उद्यम नवाचार से भी जोड़ता है। शासन की कसौटी केवल ऋण संख्या नहीं है; उचित पहचान, वहनीय पुनरावर्ती ऋण, उपयोगी विक्रय स्थान, शिकायत निवारण और स्थान बदलने पर निरंतरता भी जरूरी हैं। डिजिटल प्रक्रिया घर्षण घटाए, पर डेटा असंगति को बहिष्करण का कारण न बनाए।
यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में शहरी आजीविका, स्थानीय शासन क्षमता और सामाजिक सुरक्षा अभिसरण का परीक्षण करें। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में बिना जमानत कार्यशील पूंजी, डिजिटल भुगतान और ऋण इतिहास को अनौपचारिक क्षेत्र के औपचारीकरण से जोड़ें।
संभावित प्रश्न: औपचारिक ऋण पथ विक्रेताओं की आजीविका तभी सुदृढ़ कर सकता है जब वित्त को पहचान, पोर्टेबल अधिकार, सार्वजनिक स्थान और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जाए। पुनर्गठित PM SVANidhi के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।
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