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Dooit UPSC Current Affairs for 28 August 2026 covering public health, land governance, urban livelihoods, conservation, agriculture and financial inclusion

डूइट करेंट अफेयर्स डेस्क · 28 अगस्त 2026

28 अगस्त 2026 · 6 तथ्य

यूपीएससी करेंट अफेयर्स — 28 अगस्त 2026

आज के संस्करण का साझा प्रशासनिक प्रश्न है—पहुंच कब भरोसेमंद सार्वजनिक क्षमता बनती है? स्वास्थ्य, भूमि, आजीविका, संरक्षण, कृषि सहायता और बैंकिंग को एक ही शृंखला से पढ़ें: विश्वसनीय साक्ष्य, उत्तरदायी संस्था, सुधार का रास्ता और मापनीय परिणाम। उत्तर में केवल पैमाने या डिजिटलीकरण को सफलता न मानें; बताएं कि पंजीकरण, स्वीकृति अथवा डेटा संग्रह के बाद कौन-सी व्यवस्था लगातार काम करनी चाहिए।

जीएस पेपर 2 — राजव्यवस्था, शासन, अंतर्राष्ट्रीय संबंध

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में योजना के उद्देश्य से अधिक क्रियान्वयन तंत्र की तुलना करें। जिला स्वास्थ्य क्षमता, डिजिटल भूमि अभिलेख और पथ विक्रेता सहायता—तीनों में स्पष्ट जिम्मेदारी, शासन के विभिन्न स्तरों का समन्वय और छूटे पात्र व्यक्ति के लिए प्रभावी उपचार चाहिए।

स्वास्थ्य बजट परियोजनाएं घोषणाओं से जिला-स्तरीय क्षमता निर्माण की ओर बढ़ीं

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित स्वास्थ्य पहलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर अंतराल आकलन के बाद 613 जिला अस्पतालों को आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल विस्तार के चरणों में रखा गया है। पहले चरण में मार्च 2027 तक 160 अस्पतालों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य है; बाद के चरणों में 203 और 250 अस्पताल शामिल हैं। व्यापक कार्यक्रम का उद्देश्य पांच वर्षों में 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर जोड़ना और 1.5 लाख बहु-कौशल देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षित करना भी है। तैयारी में औषधि विनियमन क्षमता, नैदानिक अनुसंधान नेटवर्क, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। नीति का मुख्य बिंदु यह है कि बजट घोषणा तभी स्वास्थ्य परिणाम बनती है जब भवन, मानव संसाधन, रेफरल व्यवस्था, अस्पताल-पूर्व समन्वय, मानक और निगरानी साथ आगे बढ़ें। केवल उन्नत भवनों की संख्या गिनना कार्यात्मक तैयारी, कर्मियों की उपलब्धता और समान पहुंच को नहीं दर्शाता।

यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता को बजट क्रियान्वयन, भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों, केंद्र-राज्य समन्वय, स्वास्थ्य कार्यबल नियोजन और मापनीय सेवा वितरण से जोड़ें। पूंजीगत निर्माण और वास्तविक कार्यात्मक तैयारी में अंतर स्पष्ट करें।

संभावित प्रश्न: बजटीय उद्देश्य तभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारता है जब अवसंरचना, मानव संसाधन, मानक और रेफरल व्यवस्था कार्यात्मक जिला-स्तरीय क्षमता में बदलें। परीक्षण कीजिए।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2: स्वास्थ्य से संबंधित सामाजिक क्षेत्र के विकास और प्रबंधन के मुद्दे

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भारत-अफ्रीका संवाद ने परस्पर-संचालनीय भूमि अभिलेखों को डिजिटल शासन के केंद्र में रखा

अफ्रीकी संघ आयोग, अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों और UNDP से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने भूमि शासन के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल पर भारत के भूमि संसाधन विभाग से संवाद किया। तकनीकी चर्चा में डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, भू-आधार अथवा ULPIN, राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली, भारत लैंड स्टैक और NAKSHA शहरी मानचित्रण पायलट शामिल थे। कंप्यूटरीकृत अभिलेख, डिजिटीकृत भू-नक्शे और परस्पर-संचालनीय पहचानकर्ता पारदर्शी तथा सुलभ भूमि प्रशासन के साधन हैं। परंतु तकनीक स्वयं स्वामित्व विवाद नहीं सुलझाती, पुरानी त्रुटियां नहीं सुधारती और कमजोर कब्जाधारकों की रक्षा सुनिश्चित नहीं करती। साझा मानक, सत्यापन योग्य अद्यतन और सेवाओं का एकीकरण उपयोगी हैं, किंतु प्रत्येक व्यवस्था को विधिसम्मत निर्णय, निजता सुरक्षा, स्थानीय भाषा में पहुंच और स्पष्ट सुधार प्रक्रिया बनाए रखनी होगी। यह यात्रा दक्षिण-दक्षिण सहयोग का उदाहरण है, जिसमें घरेलू डिजिटल प्रणाली को तैयार निर्यात मॉडल नहीं बल्कि संस्थागत सीख के विषय के रूप में देखा जाता है।

यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में भूमि प्रशासन को डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सहकारी संघवाद, उचित प्रक्रिया, डेटा संरक्षण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग से जोड़ें। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में स्वच्छ अभिलेखों का ऋण, निवेश और शहरी नियोजन से संबंध देखें।

संभावित प्रश्न: डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना भूमि प्रशासन को तभी सुधार सकती है जब परस्पर-संचालनीयता के साथ उचित प्रक्रिया, सुधार का अधिकार और स्थानीय संस्थागत क्षमता उपलब्ध हो। भारत-अफ्रीका सहयोग के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष तथा ई-शासन के अनुप्रयोग, सफलताएं और सीमाएं

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पुनर्गठित PM SVANidhi ने पथ विक्रेता ऋण को पोर्टेबल शहरी आजीविका सहायता से जोड़ा

ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाए जाने के बाद PM SVANidhi के पुनर्गठित चरण का एक वर्ष पूरा हुआ। संशोधित योजना का लक्ष्य 1.15 करोड़ पथ विक्रेताओं को लाभ देना है, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं। पुनर्गठन के पहले वर्ष में 10.56 लाख नए लाभार्थियों को ₹6,294 करोड़ के 21.86 लाख ऋण वितरित किए गए। ₹30,000 तक सीमा वाला UPI-संबद्ध RuPay क्रेडिट कार्ड, आरंभ से अंत तक डिजिटल ऋण मंच और शहरी स्थानीय निकायों तथा जनगणना नगरों के बीच अनुशंसा पत्र स्थानांतरित करने वाला प्रवासन मॉड्यूल औपचारिक ऋण को अधिक उपयोगी और पोर्टेबल बनाने के प्रयास हैं। कार्यक्रम वित्त को कल्याण प्रोफाइलिंग, खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण, विक्रय अवसंरचना और उद्यम नवाचार से भी जोड़ता है। शासन की कसौटी केवल ऋण संख्या नहीं है; उचित पहचान, वहनीय पुनरावर्ती ऋण, उपयोगी विक्रय स्थान, शिकायत निवारण और स्थान बदलने पर निरंतरता भी जरूरी हैं। डिजिटल प्रक्रिया घर्षण घटाए, पर डेटा असंगति को बहिष्करण का कारण न बनाए।

यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में शहरी आजीविका, स्थानीय शासन क्षमता और सामाजिक सुरक्षा अभिसरण का परीक्षण करें। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में बिना जमानत कार्यशील पूंजी, डिजिटल भुगतान और ऋण इतिहास को अनौपचारिक क्षेत्र के औपचारीकरण से जोड़ें।

संभावित प्रश्न: औपचारिक ऋण पथ विक्रेताओं की आजीविका तभी सुदृढ़ कर सकता है जब वित्त को पहचान, पोर्टेबल अधिकार, सार्वजनिक स्थान और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जाए। पुनर्गठित PM SVANidhi के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2: कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं तथा उनके संरक्षण और बेहतरी के लिए गठित तंत्र

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जीएस पेपर 3 — अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, सुरक्षा

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में आर्थिक और पर्यावरणीय निर्णय चलाने वाली सूचना की गुणवत्ता पर ध्यान दें। संरक्षण विज्ञान, कृषि सहायता साक्ष्य और वित्तीय समावेशन संकेतक तभी उपयोगी हैं जब वे तुलनीय, लेखापरीक्षण योग्य और वास्तविक व्यवहार से जुड़े हों।

हिम तेंदुआ सहयोग ने संरक्षण को आकस्मिक दर्शन से तुलनीय विज्ञान की ओर बढ़ाया

भारत ने मॉस्को में हिम तेंदुआ अध्ययन और संरक्षण पर रूसी-भारतीय गोलमेज बैठक में भाग लिया। यह संवाद अंतरक्षेत्रीय संघ Irbis और International Big Cat Alliance की साझेदारी के अंतर्गत हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जनसंख्या आकलन, रेडियो टेलीमेट्री और आनुवंशिक विश्लेषण में प्रगति रखी, जबकि शोधकर्ताओं और सार्वजनिक प्राधिकरणों ने निगरानी तथा संरक्षण के तरीकों पर विचार साझा किए। अलग उपकरण अलग प्रश्नों का उत्तर देते हैं। जनसंख्या आकलन विश्वसनीय आधाररेखा देता है, टेलीमेट्री आवागमन और आवास उपयोग समझाती है, तथा आनुवंशिक विश्लेषण पहचान और संपर्कता संबंधी अनुसंधान में सहायक होता है। उच्च हिमालयी पारितंत्र और वैज्ञानिक पद्धतियां प्रशासनिक सीमाओं से परे जाती हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है। किंतु डेटा जोड़ने से पहले तुलनीय प्रोटोकॉल और अनिश्चितता का पारदर्शी विवरण जरूरी है। सफलता को अलग-अलग दर्शन या प्रचार से नहीं, दोहराए गए साक्ष्य, आवास संपर्कता और उत्तरदायी प्रबंधन से मापना चाहिए। विज्ञान तभी उपयोगी है जब वह संतुलित क्षेत्रीय कार्रवाई का मार्गदर्शन करे और साझा भू-दृश्य में रहने वाले समुदायों से जुड़ा रहे।

यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में जैव विविधता संरक्षण को जनसंख्या आकलन, रेडियो टेलीमेट्री, आनुवंशिकी, भू-दृश्य संपर्कता और साक्ष्य-आधारित नीति से जोड़ें। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में संस्थागत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका देखें।

संभावित प्रश्न: विज्ञान-आधारित संरक्षण के लिए तुलनीय साक्ष्य, भू-दृश्य स्तर का समन्वय और उत्तरदायी क्षेत्रीय कार्रवाई आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय हिम तेंदुआ सहयोग के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण तथा पर्यावरण प्रभाव आकलन

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मूंग खरीद समीक्षा ने MSP वितरण को सत्यापन योग्य फसल बीमा डेटा से जोड़ा

कृषि मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीद और फसल बीमा क्रियान्वयन की समीक्षा की। केंद्र ने 2026 मौसम के लिए पहले 4,54,580 मीट्रिक टन खरीद को मंजूरी दी और बाद में 84,492 मीट्रिक टन जोड़े; कुल स्वीकृति 5,39,072 मीट्रिक टन हुई। राज्य में लगभग 5.33 लाख मीट्रिक टन खरीद दर्ज हुई, जो मुख्यतः NAFED और NCCF के माध्यम से की गई; समय पर भुगतान और पारदर्शिता पर बल रहा। समीक्षा में PMFBY के अंतर्गत पुनर्गठित मौसम-आधारित फसल बीमा योजना भी शामिल थी। विश्वसनीय क्रियान्वयन के लिए मौसम सूचना नेटवर्क और डेटा प्रणाली जरूरी है, जबकि प्रौद्योगिकी-आधारित उपज आकलन को फसल कटाई प्रयोगों से क्षेत्रीय सत्यापन देने की सलाह दी गई। दोनों नीति साधनों में जवाबदेही की समान चुनौती है। खरीद के लिए मात्रा, किसान पात्रता और भुगतान का सत्यापन चाहिए; बीमा के लिए विश्वसनीय मौसम और उपज साक्ष्य चाहिए। प्रौद्योगिकी गति और कवरेज बढ़ा सकती है, किंतु अंशांकन, लेखापरीक्षा शृंखला और सुलभ सुधार तंत्र ही किसान का भरोसा बनाते हैं।

यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में MSP खरीद, बाजार समर्थन, PMFBY, मौसम अवसंरचना, उपज आकलन और कृषि जोखिम प्रबंधन को जोड़ें। संघीय समन्वय तथा मॉडल-आधारित आकलन को क्षेत्रीय साक्ष्य से सत्यापित करने की आवश्यकता परखें।

संभावित प्रश्न: कृषि सहायता की विश्वसनीयता तभी बनती है जब खरीद और फसल बीमा समयबद्ध भुगतान, भरोसेमंद डेटा और चुनौती दिए जा सकने वाले आकलन पर आधारित हों। परीक्षण कीजिए।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कृषि सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा फसल बीमा

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PM Jan Dhan के 12 वर्षों ने खाता पहुंच को वित्तीय उपयोग की कसौटी बनाया

प्रधानमंत्री जन धन योजना ने 12 वर्ष पूरे किए। 19 अगस्त 2026 तक 59.09 करोड़ खाते और ₹3.17 लाख करोड़ की जमा राशि दर्ज थी। महिलाओं के पास 55.7% खाते हैं, 77.8% खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं तथा 41 करोड़ से अधिक RuPay कार्ड जारी हुए हैं। PMJDY प्रत्यक्ष लाभ वितरण में प्रयुक्त जन धन-आधार-मोबाइल ढांचे का आधार है। इसका पैमाना दिखाता है कि मूल बैंक खाते, बैंक मित्र, भुगतान कार्ड और मोबाइल संपर्क औपचारिक वित्त में प्रवेश की बाधा घटा सकते हैं। अगली कसौटी खाता खोलना नहीं, उसका उपयोग है—क्या खाते सक्रिय रहते हैं, ग्राहक उत्पाद समझते हैं, शिकायत तंत्र काम करता है, महिलाएं लेनदेन पर नियंत्रण रखती हैं और ग्रामीण सेवा बिंदु विश्वसनीय बने रहते हैं। प्रत्यक्ष अंतरण बिचौलियों और देरी को घटा सकता है, फिर भी प्रमाणीकरण विफलता, धोखाधड़ी, निष्क्रियता और कमजोर अंतिम-मील सहायता लाभार्थियों को बाहर कर सकती है। इसलिए वित्तीय समावेशन का मापन सुरक्षित और सार्थक उपयोग से होना चाहिए, केवल खाते के स्वामित्व से नहीं।

यूपीएससी की दृष्टि से क्यों: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 में वित्तीय समावेशन को बैंकिंग पहुंच, डिजिटल भुगतान, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, महिला खाताधारकों और ग्रामीण सेवा वितरण से जोड़ें। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 में कल्याण पोर्टेबिलिटी, बहिष्करण जोखिम और शिकायत निवारण देखें।

संभावित प्रश्न: वित्तीय समावेशन का मूल्यांकन केवल खुले खातों की संख्या से नहीं, सुरक्षित और सार्थक उपयोग से होना चाहिए। प्रधानमंत्री जन धन योजना के 12 वर्षों के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

संबंधित विगत वर्ष प्रश्न: UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3: समावेशी विकास और उससे उत्पन्न मुद्दे

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आज के पाँच प्रश्न

उत्तर देखने से पहले इन्हें हल करें। प्रत्येक व्याख्या बताती है कि आकर्षक गलत विकल्प क्यों विफल होता है।

  1. कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

    1. भू-आधार—पथ विक्रेता ऋण
    2. भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक—जिला अस्पताल अंतराल आकलन
    3. रेडियो टेलीमेट्री—बैंक खाता निष्क्रियता
    4. मौसम सूचना नेटवर्क—भूमि पंजीकरण
    उत्तर

    भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक—जिला अस्पताल अंतराल आकलन

    भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों ने अस्पताल अंतराल आकलन को आधार दिया। अन्य युग्म अलग कथाओं के साधन और संस्थाएं मिलाते हैं।

  2. डिजिटल भूमि अभिलेख और PMJDY आधारित लाभ वितरण में कौन-सी साझा सुरक्षा आवश्यक है?

    1. हर डेटाबेस प्रविष्टि को वैधानिक रूप से अंतिम मानना
    2. सहायक सेवा माध्यम हटाना
    3. सफलता केवल पंजीकरण से मापना
    4. पता लगाए जा सकने वाले निर्णय और सुलभ सुधार अथवा शिकायत मार्ग
    उत्तर

    पता लगाए जा सकने वाले निर्णय और सुलभ सुधार अथवा शिकायत मार्ग

    दोनों व्यवस्थाओं में डेटा अथवा मानचित्रण त्रुटि बहिष्करण कर सकती है, इसलिए स्रोत-क्रम और सुधार डिजिटल पैमाने जितने महत्वपूर्ण हैं।

  3. आज की कृषि और संरक्षण कथाओं में क्षेत्रीय साक्ष्य की भूमिका क्या है?

    1. वह मॉडल का अंशांकन करता और दोहराए आकलन को विश्वसनीय बनाता है
    2. डिजिटल मंच आने के बाद वह अनावश्यक है
    3. उसे प्रचार संकेतक से बदलना चाहिए
    4. वह सभी अनिश्चितता समाप्त करता है
    उत्तर

    वह मॉडल का अंशांकन करता और दोहराए आकलन को विश्वसनीय बनाता है

    फसल आकलन और वन्यजीव निगरानी दोनों को व्यवस्थित क्षेत्रीय साक्ष्य चाहिए। यह अनिश्चितता घटाता और स्पष्ट करता है, समाप्त नहीं करता।

  4. PM SVANidhi में केवल ऋण संख्या अधूरा संकेतक क्यों है?

    1. योजना में औपचारिक ऋण नहीं है
    2. शहरी स्थानीय निकाय की कोई भूमिका नहीं है
    3. आजीविका सुरक्षा मान्यता, पोर्टेबिलिटी, विक्रय स्थान और उपचार पर भी निर्भर है
    4. हर विक्रेता को समान सहायता मिलती है
    उत्तर

    आजीविका सुरक्षा मान्यता, पोर्टेबिलिटी, विक्रय स्थान और उपचार पर भी निर्भर है

    ऋण केवल एक भाग है। नगर मान्यता, पोर्टेबल दस्तावेज, अवसंरचना और शिकायत समाधान तय करते हैं कि वित्त उपयोगी आजीविका बनाता है या नहीं।

  5. सभी 6 कथाओं के मूल्यांकन के लिए कौन-सा ढांचा सबसे उपयुक्त है?

    1. घोषणा, प्रचार और कुल संख्या
    2. साक्ष्य, उत्तरदायी संस्था, सुधार मार्ग और मापनीय परिणाम
    3. मानवीय निगरानी रहित प्रौद्योगिकी
    4. स्थानीय क्षमता रहित केंद्रीकरण
    उत्तर

    साक्ष्य, उत्तरदायी संस्था, सुधार मार्ग और मापनीय परिणाम

    हर कथा क्रियान्वयन शृंखला से संबंधित है। साक्ष्य, स्वामित्व, उपचार और परिणाम बताते हैं कि औपचारिक पहुंच भरोसेमंद क्षमता बनती है या नहीं।

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